ब्लड प्रेशर और मधुमेह के 70 फीसदी मरीज किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन फास्ट फूड का बढ़ता चलन युवाओं की किडनी खराब कर रहा है। 28 से 32 फीसदी तक के मरीजों की उम्र 35 साल से कम है। यह मरीज फास्ट फूड और धूम्रपान के आदी पाए गए। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के किडनी विभाग की ओर से कराई गई स्टडी में यह तथ्य उजागर हुआ है।
फास्ट-जंक फूड में अतिरिक्त चिकनाई और हानिकारक तत्व पाए जाते हैं। इसके लगातार सेवन से मरीज में वजन बढ़ता है। ब्लड प्रेशर और मधुमेह की चपेट में आ जाते हैं। इसके चलते इनमें किडनी की बीमारी का खतरा 45 फीसदी तक बढ़ जाता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अपूर्व जैन बताते हैं कि फास्ट फूड, बाजार का खाना, चिकनाईयुक्त भोजन करने से किडनी की बीमारी ज्यादा बढ़ रही है। स्टडी में पाया कि 28 से 32 फीसदी मरीज की उम्र 35 साल से नीचे थी। ये धूम्रपान, अल्कोहल के अलावा सप्ताह में तीन से पांच दिन फास्ट फूड फूड लेते हैं। पांच से छह फीसदी मरीजों की उम्र तो 16 से 20 साल के बीच थी।
ये भी रहती है वजह
- फल-सब्जी, अनाज में कीटनाशक का उपयोग
- किडनी में पथरी, मोटापा, ब्लडप्रेशर, मधुमेह रोग
- चीनी, नमक और तेल का अधिक उपयोग
ये रहते हैं लक्षण
- रात में बार-बार पेशाब आना, संक्रमण होना
- पेशाब करते वक्त दर्द, जलन, रक्त आना
- पेशाब का रंग बदलना, पैरों में सूजन आना
कम करें नमक, चीनी और तेल
किडनी शरीर की सफाई का कार्य करता है। यह रक्त को शुद्ध करते हुए हानिकारक तत्वों को पेशाब के जरिये बाहर निकालता है। इस बीमारी से बचाव के लिए डॉक्टर लोगों को दिन में उपयोग करने वाली चीनी, नमक और तेल की मात्रा में से एक-एक चम्मच नमक, चीनी और तेल कम इस्तेमाल के लिए जागरूक कर रहे हैं। शारीरिक परिश्रम और व्यायाम करने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।