किडनी कांड का आरोपी जुनैद पुलिस की गिरफ्त में
मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी से युवाओं की किडनी खराब हो रही है। डॉक्टरों के पास 30 से 50 वर्ष की आयु के मरीज सर्वाधिक पहुंच रहे हैं। 90 फीसदी मरीजों में मधुमेह और रक्तचाप की स्थिति अनियंत्रित मिली है।एसएन मेडिकल कॉलेज के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि ओपीडी में 70 से 80 किडनी के मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें 30 से 50 वर्ष की आयु वाले 40 से 45 मरीज होते हैं। जांच में इनमें मधुमेह और रक्तचाप की बीमारी भी मिल रही है।
उन्होंने बताया कि मरीज देर से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीज ऐसे होते हैं, जिनमें बीमारी दस वर्ष से भी अधिक समय से है। जब किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगी तब डॉक्टरों का रुख किया। इनकी डायलिसिस करवानी पड़ती है। वैसे 50 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की संख्या ज्यादा रहती थी, लेकिन मधुमेह और रक्तचाप की वजह से कम उम्र में किडनी की परेशानी पाई जा रही है।
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हर माह डायलिसिस कराते हैं 1100 लोग
जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कॉलेज में हर महीने करीब 1100 लोगों की डायलिसिस हो रही है। इनमें 90 फीसदी में मधुमेह और रक्तचाप की बीमारी पाई जा रही है। करीब 600 मरीज 40 से 55 वर्ष की आयु के होते हैं।