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किडनी दिवस: मधुमेह व उच्च रक्तचाप कर रहे युवाओं की किडनी को बीमार, इन बातों का रखें ख्याल

Fri, 12 Mar 2021 11:37 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  1. डॉक्टरों के पास 30 से 50 वर्ष की आयु के सर्वाधिक मरीज पहुंच रहे
  2. जांच में सामने आया लंबे समय से मधुमेह, रक्तचाप होने से किडनी पर पड़ा प्रभाव
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विस्तार
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मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी से युवाओं की किडनी खराब हो रही है। डॉक्टरों के पास 30 से 50 वर्ष की आयु के मरीज सर्वाधिक पहुंच रहे हैं। 90 फीसदी मरीजों में मधुमेह और रक्तचाप की स्थिति अनियंत्रित मिली है।एसएन मेडिकल कॉलेज के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि ओपीडी में 70 से 80 किडनी के मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें 30 से 50 वर्ष की आयु वाले 40 से 45 मरीज होते हैं। जांच में इनमें मधुमेह और रक्तचाप की बीमारी भी मिल रही है। 
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उन्होंने बताया कि मरीज देर से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीज ऐसे होते हैं, जिनमें बीमारी दस वर्ष से भी अधिक समय से है। जब किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगी तब डॉक्टरों का रुख किया। इनकी डायलिसिस करवानी पड़ती है। वैसे 50 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की संख्या ज्यादा रहती थी, लेकिन मधुमेह और रक्तचाप की वजह से कम उम्र में किडनी की परेशानी पाई जा रही है।

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हर माह डायलिसिस कराते हैं 1100 लोग
जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कॉलेज में हर महीने करीब 1100 लोगों की डायलिसिस हो रही है। इनमें 90 फीसदी में मधुमेह और रक्तचाप की बीमारी पाई जा रही है। करीब 600 मरीज 40 से 55 वर्ष की आयु के होते हैं। 
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मिलावटी सामान से भी नुकसान 
किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. यूसी अरोड़ा ने बताया कि मिलावटी खाद्य सामग्री का सेवन भी लोगों की कि डनी को नुकसान पहुंचा रहा है। प्रत्येक किडनी रोग विशेषज्ञ के पास 8 से 12 मरीज ऐसे रहते हैं, जिनमें परेशानी की वजह मिलावटी खाद्य सामग्री है।

इन बातों का रखें ख्याल
- 30 वर्ष से अधिक आयु होने पर मधुमेह और रक्तचाप की जांच कराएं 
- मधुमेह रोगी पेशाब में प्रोटीन की जांच कराएं
- मिलावटी खाद्य सामग्री खाने से बचें

किडनी की बीमारी के लक्षण 
- पैरों में सूजन होना
- सांस फूलना
- कमजोरी महसूस होना
- थकान और भूख कम लगना
 
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