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Eye Donation: मरकर भी जिंदा रहेगी पांच वर्षीय केति, माता-पिता ने किया कुछ ऐसा

Fri, 16 Dec 2022 10:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

पांच वर्षीय केति मरने के बाद भी दुनिया देख सके, इसके लिए पिता ने बड़ा कदम उठाया है। परिवार पुत्री की आंखों को दान करेगा, जिससी किसी के अंधेरी जिंदगी में उजियारा हो सके।
 
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केति अग्रवाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में  द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आगरा शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक अग्रवाल की बेटी केति अग्रवाल (5 वर्ष) की आंखों से कोई और दुनिया देखेगा। केति अग्रवाल की बृहस्पतिवार को सुबह 08:30 बजे मृत्यु हो गई। नार्थ विजय नगर कॉलोनी निवासी विवेक अग्रवाल ने बेटी की आंखें दान करने का निर्णय लिया, जिसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग को जानकारी दी।
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 नेत्र रोग विभाग की कॉर्निया प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार के निर्देशन में टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की आगरा शाखा के अध्यक्ष सीए गौरव बंसल, सचिव गौरव सिंघल, आगरा सिकासा अध्यक्ष साक्षी विवेक जैन, कोषाध्यक्ष आयुष गोयल, कार्यकारिणी सदस्य अजय जैन, सौरभ नारायण सक्सेना आदि ने उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल की पुत्री के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। 

नेत्रदान के लिए फोन पर दे सकते हैं जानकारी

एसएन के नेत्रदान काउंसलर ने बताया कि कार्निया के लिए 50-60 मरीजों की वेटिंग रहती है। किसी के निधन के बाद परिजन 9639592894 पर जानकारी दे सकते हैं। टीम घर से कॉर्निया प्राप्त करेगी। आगरा विकास मंच के अध्यक्ष ने कहा कि मंच, हेल्प आगरा, क्षेत्र बजाजा कमेटी से भी कॉर्निया दान के लिए संपर्क कर सकते हैं।

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2005 से चल रहा प्रकल्प

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की नेत्र बैंक प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार ने बताया कि नेत्रदान का प्रकल्प वर्ष 2005 से चल रहा है, लेकिन इसमें गति 2015 से आई। 200 लोगों के नेत्रदान से 400 कॉर्निया प्राप्त हुईं। इनमें से 224 मरीजों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट की, बाकी 176 की गुणवत्ता खराब होने के चलते डॉक्टरी पढ़ाई में उपयोग हो रही हैं। 
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