आगरा स्थित केंद्रीय हिंदी संस्थान मई माह में भी विदेशी छात्र-छात्राओं के रहने और खाने का खर्च वहन करेगा। लॉकडाउन के कारण फ्लाइट बंद होने से विदेशी छात्र-छात्राएं वतन वापसी नहीं कर पा रहे हैं।
केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में इस बार 28 देशों के 87 विदेशी छात्र छात्राएं पढ़ने के लिए आए थे। संस्थान की ओर से अप्रैल माह तक छात्र-छात्राओं के रहने और खाने का खर्च उठाया जाता है। इनके आने जाने के लिए भी संस्थान की ओर से ही सब्सिडी दी जाती है।
इस बार कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने से सारी व्यवस्थाएं गड़बड़ा गईं। यहां तक कि मुख्य परीक्षा का आयोजन भी नहीं किया जा सका। सत्र परीक्षाओं के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।