फन्नी ढाबा में हंस हंस कर लोट पोट हुए श्रोता
आगरा। सृजन दीप्ति संस्था द्वारा छठवां फनी ढाबा कवि सम्मेलन शनिवार रात जेपी सभागार, खंदारी में आयोजित हुआ। जहां हंसी के ठहाके गूंजे, कभी प्यार के तराने। हंस-हंसकर श्रोता लोटपोट हो गए।
मुख्य अतिथि आईजी दीपक कुमार, पूरन डाबर, राहुल पालीवाल ने कवि सम्मेलन का दीप प्रज्वलित किया। डा रनवीर त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन हास्य कवि डा अनुज त्यागी ने किया। कवि डा प्रवीण शुक्ल ने काव्य पाठ आरंभ किया। कवि सुदीप भोला ने सवरे रंग दे परमानेंट, छुड़ा ना पाए कोई डिटर्जेंट... गाया तो श्रोता हंसी ठहाकों की मस्ती में डूब गए। डा श्लेष गौतम ने कहा इंकलाब होती है कविता, गंगाजल होती है..। सपना सोनी ने श्रृंगार की पंक्तियां सुनाते हुए कहा जमी पे चांद मेरे सामने उतर आया है..। एलेश अवस्थी, अपूर्वा चतुर्वेदी, ईशान देव ने काव्य पाठ से देर रात तक महफिल को बांधे रखा। जितेंद्र चाहर, अजीत जेसवानी, डा वैभव, राहुल पालीवाल, सुशील गुप्ता, राजेश अग्रवाल, अमन वर्मा आदि मौजूद रहे।