कासगंज में मंगलवार की देर सायं क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद से एक बार फिर शहर की फिजा को खराब करने का प्रयास किया। मैच के दौरान एक समुदाय के युवकों ने दूसरे समुदाय के युवक की पिटाई कर दी।
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मारपीट के बाद आरोपी युवक फरार हो गए। इस मामले की जानकारी देर रात्रि दूसरे समुदाय के लोगों को हुई तो वे आक्रोशित होने लगे और इस मामले में 8 आरोपियों को नामजद करते हुए दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
सभी 8 आरोपियों को मंगलवार की रात्रि को गिरफ्तार कर लिया। मारपीट का शिकार शाहजेब पुत्र शहजाद निवासी नगला गुलाबी हुआ। मंगलवार को शाहजेब पाल नगर के मैदान में अपने गांव के ही युवक गौरव, प्रदीप आदि के साथ क्रिकेट खेल रहा था।
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तभी अपाचे मोटर साइकिल एवं स्कूटी पर आए युवक विशाल ठाकुर, भरत कुशवाह, विशाल छोटा, संजय, शुभ गोयल, रोहित, करन ने मैदान में आकर विकेट गिरा दिए और बल्ले से पिटाई शुरू कर दी।
साथी खिलाड़ियों ने शाहजेब को बचाया। मारपीट करने के बाद युवक मौके से फरार हो गए। घायल शाहजेब को साथी घर ले गए। शहजेब की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
डीआईजी एवं पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में बताया कि शहर की शांति फिजा को फिर बिगाड़ने की कोशिश की गई है, लेकिन पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है। अब किसी भी तरह का तनाव नहीं है।
कासगंज हिंसा में नामजद
बता दें कि गत 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के विवाद एवं उसके बाद हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 11 आरोपियों को जेल भेजा है। इन 11 आरोपियों में 8 आरोपी क्रिकेट मैच के दौरान हुई मारपीट की घटना में भी नामजद हैं।
पुलिस अधिकारियों एवं कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ की है। पूछताछ में कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आए है।पुलिस ने बताया कि तिरंगा यात्रा के दौरान विशाल ठाकुर और इनके साथियों के नाम प्रकाश में आए थे।
कई विडियो में भी आरोपियों के चेहरे दिखाई दिए। पुलिस पहले से ही इनकी तलाश कर रही थी। मंगलवार की सायं क्रिकेट मैदान पर युवक शाहजेब के साथ मारपीट की घटना में भी विशाल व उसके साथियों के नाम प्रकाश में आए।
एसआईटी टीम की जांच में जो विडियो सामने आए उन विडियो के द्वारा भी आरोपियों के चेहरे चिह्नित किए गए। सभी आरोपियों की पड़ताल पुलिस ने विडियो के आधार पर भी की।
डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ डा. अजय कुमार सहित मामले के विवेचकों ने पूछताछ की और पुरानी घटनाओं में उनकी संलिप्तता पाई गई।