कासगंज जिले के लोग और तीर्थ पुरोहित धार्मिक स्थल सोरों को केंद्रीय तीर्थ स्थलों की सूची में शामिल कराना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस बार जो भी उनकी मांग की उपेक्षा करेगा, उस राजनीतिक दल को लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएंगे।
मतदाता चाहते हैं कि तीर्थ नगरी को उसका हक मिले। तीर्थ नगरी में योग मार्ग पर भारत के प्रमुख संतों व पंथों के आश्रम बने हुए हैं। यहां वर्ष भर संत इन आश्रमों में प्रवास कर सूकर क्षेत्र में तप करते हैं। इस क्षेत्र में तप करने का विशेष महत्व है।
सोरों स्थित वराह मंदिर के सेवायत आचार्य नरेंद्र त्रिगुमायत ने कहा कि पौराणिक नगरी सूकरक्षेत्र पृथ्वी का उत्पत्ति केंद्र है। यहां के धार्मिक महत्व को सरकारें नजरअंदाज करती आई हैं। संत समाज अब इस तीर्थनगरी की और अधिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा।