कासगंज के थाना सोरोंजी पुलिस ने करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। धोखाधड़ी करने के आरोपी फर्जी कंपनी बनाकर सस्ते दामों पर कार व बाइक देने के लुभावने ऑफर देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। अब तक 10 करोड़ रुपये की ठगी 896 लोगों से आरोपी कर चुके हैं। तीनों ही आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। इन आरोपियों के पास से पुलिस ने एक लैपटॉप, स्वाइप मशीन, मोबाइल फोन, मोहरे व कंपनी से संबंधित प्रपत्र बरामद किए हैं।
सोरोंजी कोतवाली के इंस्पेक्टर रमेश भारद्वाज ने बताया कि पूरी योजना के साथ इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रेमपाल निवासी नगला बैनी ने अपने भाई धनीराम की कमजोर मानसिक स्थित का फायदा उठाते हुए धनीराम के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिया। इसी आधार पर भाई के नाम से कंपनी बनवा ली और स्वयं सिग्नेटरी बन गए और धन हड़पते रहे।
सोरोंजी पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, एक स्वाइप मशीन, तीन मोबाइल फोन, कंपनी की दो मोहरें, डायरी, कंपनी से संबंधित फाइलें व अन्य प्रपत्र बरामद किए हैं।
सोरोंजी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपी ध्यान प्रताप सिंह उर्फ डीपी सिंह का आपराधिक इतिहस पुराना है। डीपी सिंह पर पहला मामला वर्ष 2011 में मथुरा की सदर कोतवाली में दर्ज हुआ। जबकि वर्ष 2015 में अमानत में खयानत करने व धोखाधड़ी के दो मामले कोतवाली सदर इटावा और कोतवाली सिकंदरा आगरा में दर्ज हुआ। इसके अलावा जनपद बुलंदशहर में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा गैंगस्टर की कार्रवाई भी वर्ष 2017 में इटावा में हुई है। इन आरोपियों में सर्वाधिक मामले डीपी सिंह पर हैं। जबकि प्रेमपाल और पूरन सिंह का धोखाधड़ी का यह पहला मामला दर्ज हुआ है।