कासगंज। जिले के टेट के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर बर्खास्त किए गए तीन शिक्षकों को कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट से सेवा समाप्ति पर स्थगन आदेश मिल जाने के बाद तीनों शिक्षकों की सेवा को बहाल करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। किनावा में तैनात शिक्षिका रजनी यादव के टेट उत्तीर्ण परीक्षा 2011 की ऑनलाइन जांच की गई तो चंद्रशेखर का नाम शो हुआ। इसके बाद ऑफलाइन सत्यापन में फर्जीवाडे़ की रिपोर्ट आने के बाद तीन अप्रैल को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। इसी तरह से हिम्मत नगर बझेडा में तैनात शिक्षक आनंद कुमार व महमूदपुर पुख्ता में तैनात शिक्षक देवेंंद्र सिंह के टेट प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से हुए सत्यापन की जांच में फर्जी निकले। इसके बाद दोनों शिक्षकों की आठ अप्रैल को सेवा समाप्त कर दी गई। सेवा समाप्ति के बाद तीनों ही शिक्षकों की सेवाएं के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है और प्राथमिकी दर्ज के आदेश जारी कर दिए गए। तीनों शिक्षक कोर्ट चले गए। कोर्ट ने सेवा समाप्ति के आदेश को स्थगित करते हुए पद भार ग्रहण कराने के आदेश पारित कर दिए। इसके बाद बीएसए ने तीनों शिक्षकों की सेवा बहाल करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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टेट के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर तीन शिक्षकों की सेवा समाप्ति के आदेश पर कोर्ट से स्थगन मिल जाने और पदभार ग्रहण कराने के आदेश दिए गए है। इस आदेश के क्रम में प्रधानचार्याें को शिक्षकों को ज्वाइन कराने के आदेश जारी कर दिए गए है। राजीव यादव, बीएसए