कासगंज। जिले में एसआईआर सर्वेक्षण में बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है। मतदाताओं को आवेदन जमा करने के बाद रिसीविंग न मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यह आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है। संख्या या प्राप्ति रसीद न मिलने से आवेदक अपने फॉर्म की स्थिति की जानकारी नहीं ले पा रहे हैं।
आयोग ने बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मतदाता फॉर्म दो प्रतियों में उपलब्ध कराए जाएं, ताकि एक प्रति पर बीएलओ की मोहर व हस्ताक्षर कर आवेदक को रिसीविंग के रूप में दी जा सके। इसके बावजूद मतदाताओं को केवल एक ही प्रति उपलब्ध कराई गई है। आवेदन जमा करने के बाद भी रसीद न मिलने से लोग अपने नाम जुड़ने या संशोधन की स्थिति की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रसीद न होने पर यह आशंका बनी रहती है कि आवेदन सही तरह से दर्ज हुआ भी या नहीं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के लिए चल रहे अभियान में लापरवाही से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मतदाता रसीद व्यवस्था दुरुस्त न होने पर चुनाव आयोग के प्रति लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। मतदाता आकाश ने बताया कि बीएलओ ने एक प्रति ही उपलब्ध कराई। फार्म जमा करने के बाद रसीद भी नहीं दी। मतदाता राजकुमार, सुरेश, कपिल, अविनाश सहित अधिकतर मतदाताओं की ऐसी ही शिकायत है।
1149 बीएलओ लगे हैं सर्वे में
113 सुपरवाइजर लगाए हैं नजर रखने को
10.57 लाख मतदाता हैं तीनों विधानसभा में
वर्जन
आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक आवेदक को आवेदन स्वीकार करने के बाद रसीद देना अनिवार्य है। जो बीएलओ नियम का पालन नहीं करेंगे उनसे स्पष्टीकरण मांगकर कार्रवाई की जाएगी। यदि रसीद नहीं मिली है तो अपने सुपरवाइजर या निर्वाचन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। - मनोज गुप्ता, सहायक निर्वाचन अधिकारी