सोरोंजी के गुरुद्वारे में शबद कीर्तन करती महिला मंडली।
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सोरोंजी। सिख धर्म के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह का जन्म दिवस हरि की पौड़ी किनारे स्थित गुरुद्वारे पर धूमधाम से मनाया गया। सुबह ज्ञानी इंद्रजीत सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया गया। इसके बाद शबद कीर्तन में गुरु की महिमा का गुणगान किया गया। इसके बाद अरदास में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
गुरुद्वारा व्यवस्थापक बाबा लक्खा सिंह ने कहा कि गुरु हरगोविंद सिंह संवत 1641 में तीर्थनगरी की यात्रा पर आए थे। हरि की पौड़ी किनारे वह जिस स्थान पर रुके, उस स्थान पर उनकी स्मृति में उनके अनुयायियों ने गुरु हरगोविंद साहिब गुरुद्वारे का निर्माण कराया था। गुरु हरगोविंद साहिब ने मिरी पिरी की परंपरा प्रारंभ की थी, यानी कि उन्होंने दो तलवारें धारण की। एक धर्म की रक्षा के लिए और दूसरी न्याय के लिए। उन्होंने सिखों को शस्त्रधारी बनने व अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया। गुरुद्वारे के बाहर शरबत वितरण का आयोजन किया गया। इस दौरान सभासद सुनीता कौर, राजेश कौर, जयसिंह, राकेश सिंह, गोविंद सिंह, जीतू, लक्ष्मण सिंह आदि मौजूद रहे।