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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर विशेष: बढ़ते प्रदूषण से नहीं राहत, खराब हो रही लोगों की सेहत

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कासगंज। जिले में बढ़ते प्रदूषण से राहत नहीं है। सड़कों पर सैकड़ों वाहन बिना प्रदूषण जांच के दौड़ रहे हैं। कई ईंट भट्ठों के पास प्रदूषण के संबंध में एनओसी नहीं है। प्रदूूषण से हवा भी खराब हो रही है। लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है।
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आरटीओ ऑफिस के अलावा शहर में एक-दो ही प्रदूषण जांच केंद्र हैं। एआरटीओ राजेश राजपूत ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र खुलवाने के संबंध में आला अधिकारियों को पत्र दिया गया है। वाहन डीलरों के यहां भी प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। पेट्रोल पंप संचालक प्रदूषण जांच केंद्र खोलने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अगर कोई वाहन बिना प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के साथ पकड़ा जाता है तो उस पर 10000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
वहीं कुछ दिन पहले पंजाब में जली पराली का असर जनपद तक पहुंचा तो एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 370 तक जा पहुंचा। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन का एहसास हुआ। बृहस्पतिवार को भी जनपद का एक्यूआई 177 रहा। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कई दिन से एक्यूआई 150 से ऊपर बना हुआ है।
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बिना एनओसी के चल रहे ईंट भट्ठे
जिले के बाहरी क्षेत्रों में कई ईंट भट्ठे संचालित हैं। यहां से जिले और आसपास ईंटों की आपूर्ति की जाती है। यह हवा में जहर घोल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलीगढ़ के रीजनल ऑफिसर जेपी सिंह ने बताया कि 105 ईंट भट्ठों के पास प्रदूषण के संबंध में एनओसी नहीं है।
बढ़े रहे मरीज, करें मास्क का प्रयोग
जिला अस्पताल के सीएमएस कृष्ण अवतार ने बताया कि सांस और एलर्जी संबंधी मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए। मास्क कोविड ही नहीं बल्कि प्रदूषण से भी बचाता है। काली नदी के पानी को अलीगढ़ क्षेत्र में लगीं फैक्टरियां प्रदूषित कर रही हैं। कुछ माह पहले इसकी वजह से नदी में बड़ी संख्या में मछली मर गई थीं। नदी किनारे बसे गांवों में पशुपालक इसी नदी का पानी पीते हैं। इनके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
थोड़ी राहत: कूड़े में कम हुई प्लास्टिक की तादाद
शहर में रोजाना 30 से 40 मीट्रिक टन तक कूड़ा घरों और प्रतिष्ठानों से इकट्ठा किया जाता है। ईओ नगरपालिका धर्मराज ने बताया कि 15 अगस्त के बाद से कूड़े में प्लास्टिक की मात्रा में कमी देखी जा रही है। वर्तमान में पहले की अपेक्षा कूड़े में प्लास्टिक की मात्रा 15 से 20 प्रतिशत तक कम हुई है।
दुलार संस्था ने चलाया था अभियान
जिले को प्लास्टिक से मुक्त कराने के लिए पिछले माह दुलार संस्था ने अभियान चलाया था। इसके तहत विद्यार्थियों और संस्था के लोगों ने स्लोगन आदि के माध्यम से पर्यावरण बचाने की मुहिम चलाई थी। वहीं कुछ दिन पहले शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान चलाकर 10 किलो पॉलिथीन जब्त की गई थी।
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