संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। गंगा में 24 घंटे पूर्व हरिद्वार और बिजनौर बैराज से प्रवाह बढ़ने से गंगा अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि नरौरा बैराज से प्रवाह कम हुआ है लेकिन इसका कुछ खास असर नहीं पड़ा है।
उधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी इसके आसार नहीं हैं। फसलों में पानी बढ़ने से फसल सड़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है। जिले में आई बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह रविवार की शाम जिले में पहुंचे।
उन्होंने पटियाली के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर बाढ़ आपदा की स्थिति के प्रभाव को देखा और जिला प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए। मंत्री सिंह ने नगला हंसी में बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री के पैकेट भी प्रदान किए।
रविवार को हरिद्वार बैराज से 10 हजार क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 80 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ गया। नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह शनिवार के मुकाबले करीब 21 हजार क्यूसेक कम हुआ, लेकिन फिर से नरौरा से प्रवाह बढ़ने की आशंका है। कछला ब्रिज पर गंगा रविवार को भी खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर थी।
पटियाली इलाके के मूंजखेड़ा, नगला हंसी, नगला जयकिशन, राजेपुर कुर्रा, नगला तरसी, नगला खंदारी, नेथरा, इंद्राजसनपुर, मेहोला, नवाबगंज नगरिया, टिकुरी गठौरा, कुसौल, जिझोल, पनसोती, अलीपुर भकुरी, रिकहरा, गठैरा, नरदौली पुख्ता सहित आस पास के ग्रामीण इलाकों में आबादी तक पानी भरा है।
वहीं सहावर के अजीतनगर, उलाई, रफातपुर, सहवाजपुर, बमनपुरा, चकरा, नगला ढाव, नगला चोखे सहित तमाम इलाकों में खेतों व आबादी में पानी भरा हुआ है। पानी की निकासी अभी नहीं हो पाई है। खेतों में हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल में बाजरा, मक्का, धान आदि की फसलों में पानी भरा हुआ है इससे फसलों के सड़ने की आशंका बनी हुई है। नरदौली के लव कुमार ने बताया कि अभी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। अभी भी पानी भरा हुआ है। खेतीबाड़ी को काफी नुकसान है।