कासगंज। जिला कारागार से तारीख पर आए बंदियों, उनके परिजन और अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि जेल में बंदियों की रोजाना पिटाई की जा रही है। मामले में अधिवक्ताओं ने जेल प्रशासन की जांच कराने की मांग की है। जिलाधिकारी ने मामले में जेल अधीक्षक से 48 घंटे में रिपोर्ट तलब की है।
जिला न्यायालय में शुक्रवार को जिला कारागार से कुछ बंदियों को तारीख पर लाया गया। इस दौरान बंदियों ने अपने परिजन और अधिवक्ताओं को बताया कि नए जेल अधीक्षक राजेश कुमार के आने के बाद से उन लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। आए दिन बंदियों की पिटाई की जाती है। आरोप है कि एक कैदी को पानी की जगह पेशाब पिला दी गई। बंदियों की बात सुनकर परिजन और अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। कैदियों के परिजनों ने जेल प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। नदरई गेट निवासी शाशि पत्नी मिनी माहेश्वरी ने कारागार मंत्री, राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, जेल महानिरीक्षक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उसके पति पचलाना स्थित जिला जेल में बंद है। उनके पति की 8-10 दिनों से जेल में पिटाई की जा रही है। वह पति से मिलने जेल गई तो चेकिंग के नाम पर आपत्तिजनक तरीके से तलाशी कराई गई। अधिवक्ता केशव मिश्रा ने बताया कि नए जेलर ने तमाम ऐसी बंदिशे लगा दी है जो जेल मैनुअल में नहीं है। कई बंदियों ने हमें अवगत कराया कि जेल में लगातार दो दिन इसे लेकर भूख हड़ताल रही है। इस मामले में हमने अधिकारियों से लिखित शिकायत की है। कासगंज बार एसोसिएशन के महासचिव महिपाल सिंह राजपूत ने बताया कि इसकी जांच की जानी चाहिए।