पंचायत चुनाव के आरक्षण के लिए शासन से गाइडलाइन जारी होने के साथ ही तैयारियां शुरू हो गई है। आरक्षण के लिए विभाग ने डाटा अपलोड का कार्य शुरू कर दिया है, इससे निर्धारित समय में आरक्षण का कार्य पूरा हो सके।
पंचायत चुनाव का आरक्षण वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाना है। प्रत्येक ब्लॉक में अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, सामान्य वर्ग की आबादी अंकित करते हुए वर्णमाला क्रम में सूची तैयार होगी। इसमें यह भी अंकित किया जाएगा कि 1995 में कौन सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहा। इसके साथ ही वर्ष 2015 में जो ग्राम पंचायत जिस वर्ग के लिए आरक्षित रही थी, वे वर्ष 2021 के चुनाव में उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहेगी।
इसमें यह भी अंकित किया जाएगा कि वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित रही। फार्मूला बनाया गया है कि वर्ष 2015 के चुनाव में जो सीट एससी, एसटी या पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रही वह उस बार उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहेगी। आरक्षण के लिए जो फार्मूला बनाया गया है वह ग्राम पंचायत प्रधान, सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य के पदों पर लागू किया जाएगा। शासन से मिले दिशा-निर्देश के बाद के बाद पंचायती विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने डाटा अपलोड का कार्य शुरू कर दिया है ताकि समय से कार्य को निपटाया जा सके।
जिले में इन पदों के लिए होगा आरक्षण
जिला पंचायत 23
क्षेत्र पंचायत सदस्य 579
ग्राम पंचायत प्रधान 423
ग्राम पंचायत सदस्य 5421
आरक्षण का यह रहेगा कार्यक्रम
सभी पदों के आरक्षण का प्रस्ताव 20 फरवरी से 1 मार्च के बीच तय होगा
आरक्षण प्रस्ताव की विस्तृत सूची का प्रकाशन 2 से 3 मार्च के बीच होगा
आरक्षण प्रस्ताव पर किसी भी नागरिक की आपत्तियां 4 से 8 मार्च के बीच होंगी
आपत्तियों का संकलन डीपीआरओ कार्यालय में 9 मार्च तक संकलित किया जाएगा
आपत्तियों का निस्तारण जिला स्तरीय समिति द्वारा 10 से 12 मार्च के बीच होगा
आरक्षण की अंतिम सूची का प्रकाशन 13 से 14 मार्च को किया जाएगा
आरक्षण की अंतिम सूची 15 मार्च को पंचायतीराज निदेशालय को भेजी जाएगा
पंचायत चुनाव के आरक्षण के लिए जो गाइडलाइन जारी की गई है उसके आधार पर डाटा अपलोड का कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्धारित समय में प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। -श्रीकांत यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी