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मिस्डकॉल गुरुजी के फॉर्मूले ने कोरोना काल में बदली शिक्षा की तस्वीर

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कासगंज। कोरोना काल से बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौट पा रही है। ऐसे में शिक्षक नौनिहालों के भविष्य की हरियाली को सींचने के लिए शिक्षकों ने शिक्षा में नए नवाचार का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षकों नेे वीडियो, ऑडियो और मोबाइल पर बात कर न केवल बच्चों को शिक्षा दी, बल्कि उनकी शंकाओं के समाधान किए। बच्चों मिस कॉल पर शिक्षकों ने स्वयं फोन मिलाकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। खेल शिक्षा के लिए वेबीनार और यूट्यूब के माध्यम से बच्चों को निखारा गया।
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मिस्डकॉल आते ही तुरंत बच्चों से किया संपर्क
- कस्बा सहावर के बेसिक शिक्षा के अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में तैनात हूं। कोरोना काल में जब बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के दिशा निर्देश मिले। इसमें जिन बच्चों के पास एंड्राइड फोन नहीं थे उन्हें पढ़ाने में समस्या थी। ऐसे में हमने अपना फोन नंबर देते हुए कहा कि सादा फोन से मिस्डकॉल दें। बच्चों की मिस्डकॉल आते ही उन्हें तुरंत फोनकर उनके सवालों की उलझन दूर की। विद्यालय में 297 बच्चे पंजीकृत हैं- राजवीर सिंह गौतम, शिक्षक।
खेल की प्रतिभाओं को निखिारने को की हर कोशिश
- कोरोना काल में खेल की प्रतिभाओं को खेल की शिक्षा देने में समस्याएं हो रहीं थीं। ऑनलाइन खेल की पढ़ाई कराने में दिक्कतें तो हुईं, लेकिन प्रतिभाओं से ऑनलाइन मजबूती से जुड़े और फिर समय-समय पर वेबीनार आयोजित किए। प्रतिभा को निखारने के टिप्स बताए। वेबीनार में धीमे धीमे खेल की शिक्षा हांसिल करने के लिए जिले के ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों से खिलाड़ी जुड़ते रहे। अभी भी प्रयास रहेगा कि पूरी तरह प्रतिभाओं को ऑनलाइन निखारा जा सके- डा. प्रवीण जादौन, प्रवक्ता, खेलकूद, केएपीजी कॉलेज।
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बाल वैज्ञानिकों को वीडियो से दी प्रयोगों की प्रेरणा
विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों को लिखित शिक्षा के साथ-साथ प्रयोगात्मक शिक्षा देना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। कोरोना काल में स्कूलों में विद्यार्थियों का अवकाश है। ऐसे में प्रयोगशाला में प्रयोगात्मक शिक्षा तो नहीं दे सकते, लेकिन बाल वैज्ञानिक कहीं प्रयोगात्मक शिक्षा में पिछड़ न जाएं। इसलिए फिर वीडियो बनाकर विद्यार्थियों को प्रयोग करने के तरीके बताए। समय समय पर उनकी मानसिक दक्षता का परीक्षण किया।
- प्रियंका, जीव विज्ञान शिक्षिका, जीजीआईसी।
सोशल साइट से शिक्षा को दिया बढ़ावा
बच्चों को निजी लिंक से जोड़कर ऑनलाइन शिक्षा देने का पूरा प्रयास रहा है। इसके अलावा कोशिश की गई कि समय-समय पर योग और विज्ञान शिक्षा के वीडियो बनाए और उन्हें व्हाट्सएप, फेसबुक के अलावा यूट्यूब पर अपलोड किया। तमाम विद्यार्थी धीमे-धीमे जुड़ते गए। कई प्रतिभाएं अब काफी हद तक योग और विज्ञान के क्षेत्र में ऑनलाइन शिक्षा से उभर रहीं हैं।- अभिषेक पांडे, विज्ञान शिक्षक, एसकेएम इंटर कॉलेज।
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