कासगंज। कलेजे के टुकड़े को खोने का दर्द सिर्फ मां ही बता सकती है। अमांपुर में हुई युवक की हत्या के बाद मां रो रोकर अपने लाड़ले को खोने का दर्द बयां कर रही थी। मां आशा देवी कह रही थी कि रविवार की रात बेटा जब घर से जा रहा था तो उससे पूछा की अनिल कहां जा रहे हो। उस समय बेटे ने कहा कि मैं अपने साथियों के साथ क्षेत्र के गांव मुनीनगर में दावत खाने जा रहा हूं और रात में वापस नहीं लौटूंगा सुबह जल्दी ही घर आ जाऊंगा। मां तू रात में इंतजार मत करना।
बेटे की मौत के बाद चीख चीखकर यही बातें आशा देवी बता रहीं थीं। वे कह रही थीं कि सुबह बेटे का इंतजार कर रही थी कि वो घर आ रहा होगा, लेकिन बेटे के आने से पहले उसकी मौत की खबर आ गई।
सांत्वना देने वालों की लगी भीड़
अनिल की मौत के बाद परिजनों का बुरा हाल था। मां बार बार बेसुध हो रही थी तो सांत्वना देने वालों का भी तांता लगा हुआ था। पुलिस के अधिकारी भी मां को भरोसा दे रहे थे कि उन्हें न्याय मिलेगा। उनके बेटे की मौत की गंभीरता से जांच की जा रही है।
आत्महत्या के पहलू पर भी जांच
पुलिस जहां एक ओर हत्या के मामले को लेकर जांच कर रही है। आत्महत्या के पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है। अब तक की जांच में पुलिस ने पाया है कि कहीं न कहीं यह आत्महत्या भी हो सकती है। क्योंकि पूर्व में अनिल की शादी हो गई थी और उसके बाद उसका तलाक हो गया। हो सकता है वह मानसिक रूप से तनाव में रह रहा हो।
हर पहलू पर मामले की जांच की जा रही है। अभी स्पष्ट नहीं किया जा सकता है कि हत्या है या आत्महत्या। पूरे मामले की गहनता से जांच हो रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर ही कार्रवाई होगी। - शैलेंद्र परिहार, सीओ सहावर।