शहीद हेमसिंह यादव और सतीश चंद्र बघेल की प्रतिमाएं
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कारगिल युद्ध में फिरोजाबाद जिले के दो जवानों ने अपनी शहादत दी। शहीद होने के बाद शव जिले में आए, फिर क्या सरकार से लेकर प्रशासन तक ने वादों की झड़ी लगा दी थी। लेकिन कई वादे ऐसे जो आज तक पूरे नहीं हुए।
शहीद हेम सिंह के गांव में सड़क नहीं है तो वहीं शहीद सतीश बघेल के नाम पर जिस मार्ग का नाम रखा गया उस पर शहीद के नाम की पट्टिका टूटी पड़ी है। जमीन टुकड़ों में मिली जो खेती योग्य तक नहीं रही। शहीदों के नामों पर बनाए गए पार्क भी दुर्दशा का शिकार हैं।
एका के गांव नगला खेड़ा निवासी रामेश्वर दयाल यादव के घर एक फरवरी 1970 को हेम सिंह का जन्म हुआ था। गांव में पढ़ाई के बाद एटा के जवाहरलाल पीजी कालेज से बीए के फाइनल करने से पहले दो मार्च 1988 को फौज में चयन हुआ था।