सोरोंजी(कासगंज)। श्रावण मास के चौथे सोमवार को भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िये तीर्थनगरी के लहरा घाट और कछला गंगाघाट पर पहुंचने लगे हैं। कांवड़ियों की अभी दूरस्थ इलाकों की टोलियां आ रही हैं। इसमें 300 से 400 किलोमीटर दूर के कांवड़िये हैं। ये कांवड़िये भगवान भोलेनाथ की अराधना करते हुए कांवड़े भर रहे हैं और गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। आज शुक्रवार से कांवड़ियों की टोलियां और बढ़ जाएंगी।बृहस्पतिवार को शिवपुरी, भिंड, मुरैना, ग्वालियर, धौलपुर आदि दूरस्थ स्थानों से कांवड़िये तीर्थनगरी में पहुंचे। कांवड़ियों ने तीर्थ पुरोहितों के पास पहुंचकर पोथियों में अपने पूर्वजों के नाम सुनकर दान-दक्षिणा दी। गंगा स्नान करके पूजा-अर्चना की। कांवड़ सज्जा का सामान खरीदकर कांवड़िये लहरा घाट पहुंचे। यहां कांवड़ सजाकर उसमें गंगाजल के भरे पात्र रखे। इसके बाद वहां से अपने-अपने गंतव्य स्थानों के लिए चल दिए। कांवड़ पूजन करने और लहरेश्वर मंदिर में मत्था टेकने के बाद कांवड़ियों की टोलियां भोला तेरी बम के जयकारे लगाते हुए रवाना हो रही हैं। मार्ग में भी कांवड़ियों की टोलियां कंधों पर कांवड़ लिए और जुबां पर हर हर महादेव के नारे लगाते हुए कांवड़िये दिखाई दिए।