कासगंज। मथुरा से बरेली तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए फेज-2 और फेज-3 के निर्माण के लिए जिले में भूमि का अधिग्रहण किया गया है। बुधवार तक 224 करोड़ रुपये का मुआवजा भू-स्वामियों को वितरित किया जा चुका है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) भी लगातार अधिगृहीत भूमि पर कब्जा करके मिट्टी डालते हुए सड़क का एलाइनमेंट तैयार कर रही है। अब तक 80 प्रतिशत अधिगृहीत भूमि पर एनएचएआई द्वारा कब्जा लिया जा चुका है।राष्ट्रीय राजमार्ग 530 बी के फेज-1 के निर्माण की प्रक्रिया मथुरा से हाथरस तक तेजी से चल रही है। फेज-2 और फेज 3 में कासगंज जिले की भूमि शामिल है। यहां भी प्रारंभिक निर्माण की प्रक्रिया गति पकड़ने लगी है। फेज-2 में आने वाले पेड़ों का कटान भी किया जा चुका है, जबकि फेज-3 के पेड़ों के कटान की प्रक्रिया चल रही है। ज्यादातर पेड़ों के कटान का कार्य पूरा कर लिया गया है। सबसे पहले एनएचएआई ने खेती वाली भूमि को अधिगृहीत करने की कार्रवाई की। इसके पश्चात दूसरे चरण में निर्मित भवनों पर कब्जे की कार्रवाई की जाएगी। एनएचएआई की टीम लगातार जिला प्रशासन से संपर्क में है और कब्जे की प्रक्रिया पूरी कर रही है। भूमि अधिग्रहण के नोडल अधिकारी एडीएम राकेश पटेल ने भी एनएचएआई के अधिकारियों और टीम के साथ अधिग्रहण के कार्य की समीक्षा की। एनएचएआई लगातार डंफर के माध्यम से मिट्टी डलवा रही है। बारिश के करण मिट्टी उपलब्धता भी प्रभावित है। जहां-जहां होकर सड़क निकलेगी, वहां मिट्टी डालकर एलाइनमेंट तैयार किया जा रहा है। एनएचएआई का दावा है कि अब तक 80 फीसदी अधिगृहीत भूमि पर कब्जे की कार्रवाई की जा चुकी है। सहायक अभियंता, (एनएचएआई) शशांक श्रीवास्तव राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की प्रक्रिया निरंतर जारी है। अधिगृहीत भूमि पर लगातार कब्जा लिया जा रहा है। अब तक 80 फीसदी भूमि पर कब्जा किया जा चुका है। अधिगृहीत भूमि पर मिट्टी डाली जा रही है। अगस्त के अंतिम सप्ताह से यह कार्य और गति पकड़ेगा।