कासगंज। क्षेत्र के ग्राम पथरेकी में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन कान्हा की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। लीलाओं के माध्यम से धर्म की रक्षा के लिए कार्यों को बताया गया। भक्तों ने भजन करते हुए कान्हा के जयकारे लगाए।
कथा वाचक आचार्य प्रमोद शास्त्री ने कहा कि कान्हा की लीलाएं धर्म की रक्षा के लिए थीं। बाल रूप में पूतना का वध किया। उन्होंने वकासुर का वध कर राक्षसों के आतंक से गोकुल वासियों को रक्षा की। कालिया नाग मर्दन किया। माखन चोरी की लीला से उन्होंने बृजवासियों को एकत्रित किया।
उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लिया। राक्षसों का वध कर धर्म की स्थापना की। गोवर्धन लीला में भगवान ने इंद्र के अभिमान को तोड़ा। वहीं लोगों को प्राकृति के महत्व को बताया। गीतकार मुन्नालाल मतवाला सहित अन्य कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस दौरान दिनेश वर्मा एडवोकेट, भूपेंद्र राजपूत, डॉ. देवेंद्र राजपूत, राकेश राजपूत सहित अन्य भक्तजन मौजूद रहे।