सोरोंजी। नवांकुरों की तरफ से काव्यगोष्ठी का आयोजन डॉ. राजीव बरबारिया के आवास परिसर में किया गया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। गोष्ठी का शुभारंभ अध्यक्षता कर रहे भाजपा नेता कृष्णकांत वशिष्ठ तथा डॉ. राजीव बरबारिया ने मां शारदे की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील तिवारी और विशिष्ट अतिथि विहिप के विभाग संगठन मंत्री उमाकांत उपाध्याय, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्षा डॉॅ. सांत्वना पाराशर, भाजपा जिला कार्यालय प्रभारी आशा शर्मा तथा धर्मयात्रा महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राजीव बरबारिया रहे।
मां शारदे की वंदना कुलदीप पंडित तथा ललित मिश्रा ने प्रस्तुत की। कवि हरेकृष्ण उपाध्याय ने ब्राम्हण जागरूकता से संबंधित रचना जिनके हाथों में बल होता, दुनिया को वही चलाते हैं प्रस्तुत की। संदीप महेरे ने राम जी से कर्म मेरा, रामजी से धर्म मेरा पढकऱ वातावरण को राममय कर दिया। अंकुर दौनेरिया ने अपने आराध्य देव को समर्पित मैं भोला हूं मैं भोला हूं रचना पढकऱ सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनुराग वशिष्ठ ने स्त्री का एक रूप सबको भाता है सारे संसार की वो माता है रचना प्रस्तुत की। आशीष दौनेरिया ने राधारानी को समर्पित सवैया छंद भक्तों के मन में बसते हैं कान्हा,तो कान्हा के मन में बसी हैं श्री राधा प्रस्तुत किया। कवि गणेश यादव गौरव ने भगवान शिव को समर्पित छंद जटा में गंगधार है,भुजंग कंठहार है रचना प्रस्तुत की। इस दौरान ऋषभ भारद्वाज, लव तिवारी, अभय मिश्रा, हार्दिक गौड़, चंद्रकांत उपाध्याय आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन गणेश यादव ने किया।