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Agra News: जिले में डेंगू फिर बनेगा चुनौती, एक बालक मिला संक्रमित

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कासगंज। जिले में डेंगू एक बार फिर से चुनौती बनेगा। वर्ष 2023 में जिले में डेंगू व मलेरिया ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए थे। इस वर्ष भी एक बालक में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जबकि मलेरिया विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। शहर की गंगेश्वर कॉलोनी निवासी शुभम (6) पुत्र चंद्रभान निवासी गंगेश्वर कॉलोनी को बुखार की शिकायत होने पर परिजन भोजीपुर बरेली में इलाज के लिए ले गए, जहां बालक में डेंगू की पुष्टि हुई। वैसे डेंगू का प्रकोप आमतौर पर अगस्त माह के बाद फैलना शुरू होता है, लेकिन इस साल अभी से ही एक बालक के डेंगू संक्रमित मिलने के बाद विभाग की चिंता बढ़ी है। इससे पूर्व इस साल दो मलेरिया के मरीज जिले में निकल चुके हैं। जो बालक डेंगू संक्रमित मिला है वह इलाका संवेदनशील क्षेत्र में शामिल है। बावजूद इसके संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जिले में वर्तमान में मलेरिया विभाग में जिला मलेरिया अधिकारी के अलावा एक सहायक मलेरिया अधिकारी, मलेरिया निरीक्षक, लैब तकनीशियन ही तैनात है। फील्ड में कार्य करने के लिए विभाग के पास कोई कर्मी नहीं हैं। इससे मलेरिया व डेंगू की बीमारी पर रोक नहीं लग पा रही है।
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121 गांव मलेरिया व डेंगू के लिए संवेदनशील है।
जिले में 121 गांव मलेरिया व डेंगू के लिए काफी संवेदनशील माने जाते हैं। इसमें सबसे अधिक 32 गांव सोरों क्षेत्र के हैं। वहीं गंजडुंडवारा के 25 गांव में संवेदनशील हैं। इसके अलावा पटियाली के 12 गांव, सिढ़पुरा के 14, सहावर के 14, अमांपुर के 12, कासगंज के 12 गांव में डेंगू-मलेरिया का सबसे अधिक खतरा रहता है। स्वास्थ्य विभाग हर साल दवा के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता हैए लेकिन अभी तक इन गांवों से डेंगू एवं मलेरिया का सफाया नहीं हो सका है।

शहर की ये बस्तियां हैं संवेदनशील

मोहल्ला जय जयराम, भूतेश्वर कॉलोनी, गंगेश्वर कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, चित्रगुप्त कॉलोनी, मोहल्ला नवाब, मोहल्ला नाथूराम, मिशन चौराहा आदि बस्तियां संवेदनशील हैं।
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वर्ष- मलेरिया- डेंंगू
2021- 30- 227

2022- 17- 78

2023- 107- 241

2024 - 2- 1
वर्जन

डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए विभाग के पास पर्याप्त छिड़काव व उपचार की दवाएं मौजूद हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा उपलब्ध कराई जा चुकी है।- डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ
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