भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के छात्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और उनके अभिभावकों का अपमान करने के आरोप में उनके खिलाफ एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की अदालत में परिवाद दर्ज किया गया है। मामले में अगली सुनवाई 21 अगस्त, 2026 को होगी।
राजीव गांधी बार के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने परिवाद दायर कर आरोप लगाया है कि नीट और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्र आहत हुए हैं। कई छात्रों ने तनाव में आकर आत्महत्या भी कर ली। इन घटनाओं के विरोध में हजारों छात्रों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था।
20 जुलाई, 2026 को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागकर गोलियां चलाईं। कई छात्र घायल हुए थे। विपक्षी नेताओं ने छात्रों का समर्थन किया, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। वहीं, कंगना रणौत ने 27 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। परिवाद में कहा गया है कि इन टिप्पणियों से छात्रों, उनके अभिभावकों और परिवादी की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।