मैनपुरी। मदरसों को लेकर कानून में अहम संशोधन की आहट के चलते जिले के मदरसा संचालकों ने कामिल (स्नातक) डिग्री के लिए इस वर्ष दाखिले नहीं लिए हैं। जिले में फाजिल की डिग्री देने के लिए कोई मदरसा मान्य नहीं है। मदरसा संचालक सरकार के स्पष्ट आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
मदरसा दरुसुल-कुर-आन के संचालक फूलमियां ने बताया कि सूचनाओं के अनुसार यदि बदलाव किया गया तो मदरसा बोर्ड की कई डिग्रियां अमान्य हो जाएंगी। जानकारी मिली है कि शासन स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कामिल और फाजिल का प्रमाणपत्र देने वाले मदरसों को मान्यता नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मैनपुरी में सरकारी और अर्द्धसरकारी मदरसा नहीं है। यहां 18 मदरसे संचालित हैं। इनमें से कामिल की तालीम देने के लिए चार ही मान्य हैं। इस बार इनमें से किसी ने भी अपने यहां कामिल में दाखिला नहीं लिया है।
सरकार की ओर से अभी स्पष्ट आदेश नहीं आया है। जो भी आदेश आएगा। उससे मदरसा संचालकों को अवगत करा दिया जाएगा। - रंजना शुक्ला, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी