कासगंज। हर बार बारिश के पानी से कालीनदी के पानी की गुणवत्ता सुधरी रहती थी, लेकिन इस बार बारिश कम होने के कारण नदी में प्रदूषण बढ़ गया है। डिजॉल्वड ऑक्सीजन की मात्रा घट गई है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) द्वारा किए जाने वाले प्रदूषण नियंत्रण के दावे खोखले साबित हुए हैं।
पिछले सप्ताह रविवार को कालीनदी में हजारों की संख्या में मृत मछलियां बहती मिलीं। पीसीबी ने नदी के पानी की जांच कराई तो डिजॉल्वड ऑक्सीजन की मात्रा न्यूनतम 5 से घटकर 2 रह गई है, जबकि बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा न्यूनतम 2 से बढ़कर अधिकतम 12 हो गई है। पीसीबी के पास कालीनदी के प्रदूषण को कम करने और ऑक्सीजन की मात्रा सामान्य करने के कोई खास इंतजाम नहीं हैं।
क्योंकि कालीनदी में स्वच्छ पानी का कोई स्रोत नहीं है। नदी के पानी की गुणवत्ता बारिश से स्वत: सुधर जाती थी, लेकिन इस बार बारिश कम होने से प्रदूषण बढ़ गया है। अब विभाग भी कह रहा है कि बारिश होती तो पानी सुधर जाता था। बारिश न होने से प्रदूषण बढ़ा है।
माह औसत बारिश हुई बारिश (मिमी में)
जून 85 24.33
जुलाई 239 121
अगस्त 212 185
सितंबर 109 शून्य
कालीनदी के पानी की शुद्धता बारिश पर टिकी है। इस बार बारिश न होने के कारण पानी की गुणवत्ता खराब हुई है। हम औद्योगिक इकाइयों के सीवरेज के पानी की निगरानी कर कालीनदी के पानी की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। - रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड