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किसानों की शरण में पहुंचे कालेधन वाले

Sun, 13 Nov 2016 01:03 AM IST
किसानों की शरण में पहुंचे कालेधन वाले
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पंजाब में खेती और उत्पादन पर मॉनसून का असर - फोटो : फाइल फोटो
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एक हजार और पांच सौ नोट बंद कर दिए जाने से टेंशन में चल रहे कालेधन वाले लोग मुसीबत से बचने के नए-नए हथकंडे खोज रहे हैं। ताजनगरी में कई तरह की तिकड़म सामने आ चुकी हैं। ताजा जानकारी यह है कि ये लोग अब अपनी काली कमाई को किसानों के खातों में जमा कराने में लगे हैं।
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आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी है। इसके मद्देनजर ऐसे किसानों के खातों पर भी नजर रखी जा रही है जिनमें अचानक से मोटी रकम जमा हुई है। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि खातों में चल रहे खेल पर पूरी नजर रखी जा रही है। दस लाख रुपये जमा होने पर तो बैंक भी आयकर को ब्योरा भेज देता है। लाखों जमा कराने वाले किसानों को आयकर विभाग नोटिस भेजने की तैयारी में है।

मजदूरों से बदलवाए नोट 
सबसे पहले यह मामला सामने आया था कि कई फैक्ट्री मालिकों ने दिहाड़ी मजदूरों को चार-चार हजार रुपये बदलवाने के लिए बैंकों की लाइन में लगवाया। मजदूरों को धमकी दी गई कि अगर नोट बदलकर नहीं लाए तो काम पर नहीं रखा जाएगा।
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जनधन के खातों में किया खेल
बैंक के सूत्रों का कहना है कि जनधन के खातों मे अचानक से रकम जमा हुई है। पहले ये खाली पड़े थे। इनमें ज्यादातर में 10 से 20 हजार ही आए हैं लेकिन कुछ खातों में लाखों रुपया जमा कराया गया है। शक है कि यह पैसा खाताधारकों का न होकर कालाधन रखने वालों का हो सकता है।

एडवांस में दी कर्मचारियों को सेलेरी
कई फैक्ट्री और शो रूम मालिकों अपने कर्मचारियों को छह-छह महीने की सेलेरी एडवांस में दे दी है। यह एक से दो लाख रुपये तक है। अगर ऐसी किसी फैक्ट्री में 30 कर्मचारी हैं तो मालिक का 30 से 60 लाख तक खप गया है।

‘किसान के बैंक खातों में अगर रकम जमा भी कराई जा रही है तो भी आयकर विभाग का नोटिस पहुंचेगा। खाताधारक को नोटिस पर यह साबित करना होगा कि यह आय खेती से प्राप्त हुई है, अन्यथा टैक्स के दायरे में आएंगे’
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रूचि अग्रवाल
टैक्स कंसलटेंट
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