बाह। यमुना नदी के किनारे पर बसे जैतपुर के कचौराघाट गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) भी नियुक्त हैं। गांव के श्याम सिंह और पिंकी आदि ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर महीने में कभी-कभी ही खुलता है। खुलने का कोई समय भी निर्धारित नहीं है। मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। जुकाम, बुखार होने पर भी लोगों को सीएचसी जैतपुर जाने की मजबूरी झेलनी पड़ती है। इस संबंध में पूछे जाने पर जैतपुर के अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि आरोग्य मंदिर नियमित रूप से खुलता है, ग्रामीणों की शिकायत की जांच कराई जाएगी।