अमावस्या पर चंबल नदी के नंदगवा घाट पर पितरों का तर्पण करते श्रद्धालु
बाह। ज्येष्ठ अमावस्या (वट अमावस्या) पर जैतपुर के नंदगवा घाट पर स्नान-दान एवं पितृ तर्पण के लिए शनिवार को श्रद्धालु जुटे। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि अमावस्या पर पितराें को जल, तिल अर्पित करते हैं। जिससे प्रसन्न होकर पितर अपने वंश को सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं। तर्पण से पितरों को तृप्ति मिलती है। इसी मान्यता के चलते नंदगवा घाट पर श्रद्धालुओं ने शनिवार की सुबह चंबल नदी में स्नान किया। अपने पुरखों का तर्पण किया। नंदगवा घाट तर्पण के दौरान वेद मंत्रों से गूंज उठा। तर्पण के बाद कौआ और गाय आदि को भोजन कराया एवं दान पुण्य अर्जित किया। नंदगवा के अलावा चंबल के कैंजरा घाट एवं यमुना के कचौराघाट पर स्नान-दान और पितृ तर्पण को श्रद्धालु पहुंचे। वहीं विभिन्न शिव मंदिरों में पितृ दोष से मुक्ति के लिए अनुष्ठान कराए।