मथुरा में सराफ हत्याकांड को लेकर लगातार दबाव झेल रही पुलिस ने मुठभेड़ की तैयारी शुक्रवार रात से ही कर ली थी। सीसीटीवी फुटेज से मिलने सबूतों के आधार पर यह साफ हो गया था कि बदमाश मथुरा के ही हैं। ऐसे में बीते चार दिनों से पुलिस दबिश देकर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास करने लगी। ठोस जानकारी मिलते ही आपरेशन शुरू हो गया।
बताया गया है सराफ हत्याकांड के खुलासे में जुटीं टीम ने शनिवार को सुबह रतनकुंड में मुठभेड़ से पहले शुक्रवार की देरशाम मथुरा के चौबियापाड़ा में दबिश दी। इस दौरान फायरिंग भी हुई। लोगों में भगदड़ मच गई।
हालांकि देर रात तक ये साफ नहीं हो सका कि गोली पुलिस ने चलाई या बदमाशों ने, लेकिन इससे अंदाजा लग गया था कि जल्द ही बड़ी कार्रवाई होने वाली है।
इसके बाद सुबह रतनकुंड क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई की। यहां पुलिस को सूचना मिली थी सराफ की हत्या और लूटकांड में शामिल लुटेरे विष्णु नाम के युवक के मकान में छिपे हैं। सुबह करीब चार बजे पुलिस पहुंच गई और विष्णु के मकान में घुसने का प्रयास किया तो बदमाशों ने जवाबी फायरिंग कर दी। हालांकि घेराबंदी के कारण बदमाश भाग नहीं पाए।
पुलिस ने यहां से मुख्य अभियुक्त राकेश उर्फ रंगा को पकड़ा है। कामेश उर्फ चीनी, आयुष, नीरज, छोटू भी 15 मई की वारदात में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने यहीं से लूट का माल भी बरामद कर लिया है। विष्णु को भी पुलिस शक के आधार पर कोतवाली ले आई है। हालांकि उसे हत्या और लूटकांड में शामिल होने की बात पुलिस ने साफ नहीं की है।