आगरा के सिरौली स्थित किशोर संप्रेक्षण गृह से एक बाल अपचारी बाथरूम की ईंट निकालकर फरार हो गया। ऑटो चालक की सतर्कता से वह कुछ ही देर में पकड़ लिया गया, जबकि जांच में कर्मचारियों पर मारपीट और लापरवाही के आरोप सामने आए।
आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र के सिराैली स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर से एक बाल अपचारी भाग निकला। हालांकि वो एक ऑटो चालक की सतर्कता से कुछ देर बाद ही पकड़ लिया गया। मगर मामले में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई। मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में बाल अपचारियों ने कर्मचारियों पर पिटाई करने का आरोप लागया। घटना की पुष्टि होने पर 4 कर्मचारियों और होमगार्ड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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घटना 21 जुलाई की है। अलीगढ़ के 12 वर्षीय किशोर को 15 दिन पहले राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह में लाया गया था। गृह की पहली मंजिल पर बाथरूम बना है। इसका दरवाजा बंद रहता था। घटना के समय दरवाजा खुला रह गया था। रात में सभी किशोरों को खाना खिलाया जा रहा था। तभी बाल अपचारी बाथरूम में गया। ईंट हटाने के बाद भाग गया। वह पतला होने की वजह से आसानी से निकल गया।
बाहर निकलने के बाद एक आटो में बैठ गया। वह अपने घरवालों से बात कराने की कहने लगा। ऑटो चालक ने बातों में ही उससे जानकारी ले ली। उसे पता चला तो वो उसे गृह पर छोड़ गया। मामले की जानकारी पर 22 जुलाई को गृह में जांच कराई गई। बाल अपचारियों ने बताया कि भागने वाले किशोर के साथ कुछ कर्मचारियों ने मारपीट की थी। इससे वो दहशत में आ गया था। मामले में प्रभारी अधीक्षक की शिकायत पर कर्मचारी अनिल कुमार, अमन राजपूत, अजय गुर्जर, धीरज और होमगार्ड कपिल चाैधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर मारपीट और लापरवाही का आरोप है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी ने बताया कि किशोर ने बाथरूम के पुराने जंगले के नीचे से ईंट निकालकर जगह बनाई। इसके बाद भाग गया। वह ऑटो चालक को मिला था। उसके जानकारी देने पर गृह में लाया गया। एसीपी सैंया जसवीर सिरोही ने बताया कि बाल अपचारी कुछ देर बाद ही मिल गया था। मामले में कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साक्ष्यों के आधार पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा में चूक आई सामने
किशोर गृह से बाल अपचारी पहले भी भाग चुके हैं। एक बार फिर घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारियों को घटना की जानकारी समय रहते नहीं हुई। ऑटो चालक सूझबूझ नहीं दिखाता तो किशोर का पता नहीं चलता। इसके साथ ही कि किशोरों के साथ मारपीट का भी खुलासा हुआ है। इससे कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठ रहे हैं।