ये एसएन है समझे, बहुत पिटोगे। एसएन मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टर ने तीमारदारों को यूं ही धमकाया। इसकी शिकायत महिला तीमारदार ने 100 नंबर पर कर दी।
पुलिस पहुंची और डाक्टर के खिलाफ लिखित में शिकायत मांगी। डाक्टर के माफी मांगने के बाद समझौता हो गया। हालांकि यह कोई नहीं बात नहीं है यहां अक्सर ऐसा होता है।
तीमारदार यदि मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने को लेकर डॉक्टर से शिकायत कर दे तो उसकी पिटाई कर दी जाती है। तीमारदारों को मार-मारकर जख्मी कर दिया जाता है।
एसएन मेडिकल कालेज
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ताजा मामला मेडिसिन विभाग में सामने आया है। यहां मथुरा का मरीज पिछले गुरुवार से भर्ती है। उनको सांस संबंधी परेशानी है। दोपहर में जूनियर डाक्टर मरीज के पास आए और बोले भाप लगवा ली।
मरीज के साथ उस समय उनकी पत्नी, बेटा और बेटी थे। एक महिला तीमारदार ने कहा कि भाप नहीं लगी है। इस पर जूनियर डाक्टर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
एक महिला तीमारदार ने टोका और सभ्यता से बात करने को कहा। इस पर जूनियर डाक्टर भड़क गया और अभद्र भाषा बोलने लगा।महिला तीमारदार ने फोन निकाला तो फोन छीन लिया।
डायल 100
अन्य तीमारदारों ने डाक्टर से जिरह की और फोन मांगा। इस पर डाक्टर ने कहा कि ये एसएन है, समझे, यहां तुम सब पिटोगे और कोई बचाने वाला भी नहीं है।
काफी देर बाद फोन वापस किया। मरीज की बेटी ने 100 नंबर पर फोन कर दिया। पुलिस आई, शिकायतकर्ता ने डाक्टर के गलत व्यवहार की शिकायत की और माफी मांगने को कहा।
जूनियर डाक्टर नहीं माना तो पुलिस ने आरोपी डाक्टर के खिलाफ शिकायत लिखकर देने को कहा। ये देख डाक्टर के तेवर ढीले हुए और माफी मांग कर समझौता कर लिया।