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गैर इरादतन हत्या में दस साल की सजा

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मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र में 14 साल पहले गैर इरादतन हत्या करने के आरोपी को स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट वंश बहादुर ने दस साल की सजा सुनाई है। उसको 20 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने पर उसको चार महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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थाना घिरोर के गांव फैजलपुर निवासी रामऔतार कठेरिया गांव के ही बड़े बाबू और पप्पू ठाकुर के साथ मिलकर बैटरी का तेजाब बेचने का काम करते थे। रामऔतार का रिश्तेदार जसरथ सिंह निवासी नगला बेटा थाना दन्नाहार 17 अप्रैल 2005 को रामऔतार से मिलने आया था।
शाम के समय जसरथ सिंह और रामऔतार एक साथ बैठे थे। तभी वहां पहुंचे बड़े बाबू और पप्पू ठाकुर का रामऔतार से विवाद हो गया। विवाद के बाद पप्पू ठाकुर द्वारा चलाई गई गोली से जसरथ घायल हो गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रामऔतार की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके जांच के बाद दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट वंश बहादुर की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। इसके आधार पर पप्पू ठाकुर को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाया गया।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी दिलीप कुमार सोनकर ने अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ने पप्पू ठाकुर को 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
गैर इरादतन हत्या करने के आरोपी बड़े बाबू के खिलाफ पुलिस ने अदालत में चार्जशीट भेजी। उसने अदालत में हाजिर होकर जमानत भी करा ली। मुकदमे की सुनवाई केे दौरान बड़े बाबू की मौत हो गई। पुलिस द्वारा बड़े बाबू की मौत होने की अदालत में सूचना दिए जाने केे बाद उसकी फाइल बंद कर दी गई।
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