एटा। झोलाछापों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में अमर उजाला द्वारा झोलाछापों के खिलाफ चलाए गए अभियान के बाद विभाग की ओर से कार्रवाई कर नोटिस जारी किए गए थे। अब इन नोटिसों के जवाब न मिलने पर नोडल अधिकारी ने छह झोलाछापों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
जुलाई माह में अमर उजाला की ओर से झोलाछापों के खिलाफ लगातार समाचार प्रकाशित किए। इनमें झोलाछापों द्वारा किस तरह लोगों की जान के साथ खेला जा रहा है, इसका पूरा खेल भी उजागर किया था। इसके साथ ही अधिकारियों से दो टूक सवाल जवाब कर उनसे नोटिस तक सीमित रहने वाली कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली गई थी। इसके बाद झोलाछापों से मरीजों को रही रही परेशानी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से छापामार कार्रवाई की गई। अभियान चलाकर करीब 50 झोलाछापों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए। इसमें से अब तक विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं कराई गई थी। बुधवार को नोडिल अधिकारी की ओर से झोलाछापों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। नोटिस का जवाब नहीं देने वालों के खिलाफ अब एफआईआर की कार्रवाई होने लगी हैं। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में तीन, मिरहची और सिटी कोतवाली एक-एक एफआईआर कराई गई हैं।
इन पर हुई एफआईआर
थाना मिरहची में झोलाछाप डीएस बंगाली, कोतवाली नगर में पीपल अड्डा निवासी महिला झोलाछाप मीना, दशरथ सिंह, राजेंद्र सिंह और मौहर सिंह निवासी नहर जिरसिमी पुल थाना कोतवाली देहात और थाना कोतवाली देहात में गिरौरा निवासी बंगाली डाक्टर प्रदीप विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
झोलाछापों के यहां पिछले दिनों छापामार कार्रवाई की गई थी, इस दौरान उनको नोटिस जारी किए गए लेकिन नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद छह के खिलाफ मिरहची, थाना कोतवाली देहात और मिरहची में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
डा. महाराज सिंह, नोडल अधिकारी झोलाछाप