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UP: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जेई की माैत...परिजन ने लगाया हत्या का आरोप, मोबाइल और डायरी से खुलेगा राज

Mon, 07 Jul 2025 09:10 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में बर्खास्त जेई की माैत के मामले में परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। भाई अंकुर ने बताया कि शव औंधे मुंह बिस्तर पर पड़ा था। आधे पैर फर्श की तरफ लटक रहे थे। शरीर नीला पड़ा था। 
 
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अंबरीश का फाइल फोटो व परिवारीजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से बर्खास्त अवर अभियंता अंबरीश गाैतम (48) की मौत के मामले में पुलिस विवेचना कर रही है। भाई अंकुर का आरोप है कि विश्वविद्यालय में हुए 200 करोड़ के घपले की शिकायत करने पर आरोपी बड़े भाई के दुश्मन बन गए। उनके शिकायत वापस नहीं लेने पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने भी तहरीर लेने में आनाकानी की। भाई के मोबाइल और डायरी में कई राज छिपे हैं। इन्हें पुलिस ने कब्जे में लिया है। इनकी जांच से हत्याकांड से जुड़े कई राज सामने आ सकते हैं।
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झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में रह रहे अवर अभियंता का शव शुक्रवार रात को घर में मिला था। वह बिस्तर पर औंधे मुंह पड़े हुए थे। आगरा के कचहरी घाट स्थित गंगा गली में परिवार रहता है। शनिवार को उनके शव को पैतृक आवास पर लाया गया। उनका बड़ा बेटा प्रियांक एमबीबीएस की पढ़ाई करने विदेश गया हुआ है। छोटे बेटे यशांक ने कोटा में इंजीनियर की कोचिंग के लिए प्रवेश लिया है।

 

भाई अंकुर गाैतम ने बताया कि 20 मई को बड़े भाई अंबरीश और भाभी पूनम यशांक को लेकर कोटा गए थे। तब से वहीं रह रहे थे। 3 जुलाई को भाई वापस झांसी स्थित अपने सरकारी आवास पर आ गए थे। शाम 4:30 बजे घर पहुंचे थे। 4 जुलाई की सुबह 9:30 बजे भाभी ने उनसे बात की। हालचाल जाना था। तब तक वो ठीक थे।

उन्होंने किसी तरह की समस्या नहीं बताई। रात तकरीबन 10 बजे पिता डूंगरमल के फोन करने पर भाई अंबरीश का मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा। वह घबरा गए। इस पर भाभी (पूनम) को फोन किया। उन्होंने भी पति को फोन किया। मगर, स्विच ऑफ आने पर शक हो गया। उन्होंने परिचित को घर भेजा तब घटना की जानकारी हुई। शनिवार रात शव पहुंचने पर घर में कोहराम मच गया। रविवार सुबह ताजगंज श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बेटे यशांक ने मुखाग्नि दी।

 

भाई ने कहा, पीछे के दरवाजे से घुसे, ग्लब्स पहनकर मार डाला
अंकुर ने बताया कि भाई का शव औंधे मुंह बिस्तर पर पड़ा था। आधे पैर फर्श की तरफ लटक रहे थे। शरीर नीला पड़ा था। ऐसा लग रहा था कि उन्हें विषाक्त पदार्थ दिया गया है। इसके बाद घर में तलाशी ली गई थी। अटैची को खोलकर देखा गया था। अटैची कंप्यूटर टेबल पर रखी थी। दोनों अलमारी के ताले भी खुले हुए थे। बेडशीट हटी हुई थी। आवास के अंदर बाथरूम में ग्लब्स पड़े हुए थे, जबकि घर में किसी तरह के ग्लब्स नहीं थे।

 
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पीछे का दरवाजा भी खुला हुआ था। इसे वह कभी नहीं खोलते थे। आशंका है कि घर में प्रवेश करने के बाद भाई के दोनों मोबाइल बंद कर दिए गए। इसके बाद ग्लब्स पहनकर हत्या कर दी गई। हत्यारोपी तलाशी भी लेकर गए। घर में घोटाले से जुड़े कई दस्तावेज रखे हुए थे। इनके ले जाने की आशंका है। हालांकि अंबरीश के मोबाइल में कई साक्ष्य माैजूद हैं। पुलिस ने उनके दोनों मोबाइलों को कब्जे में लिया है। वहीं डायरी भी ले ली है। इन दोनों की जांच से कई जानकारी मिल सकती है।

पिता बोले, स्वाभिमान से नहीं किया समझौता
पिता डूंगरमल के आंसू नहीं रुक रहे हैं। वह दुखी हैं। एक ही बात बोल रहे हैं कि बेटे ने आवाज उठाई। इस कारण उसकी हत्या कर दी गई है। अंबरीश स्वाभिमानी थे। उन्होंने घोटाले की शिकायत की थी। अगर, वह शिकायत वापस ले लेते तो बेटे की जान नहीं जाती। जिस किसी ने उसकी हत्या की है, पुलिस उसके खिलाफ केस दर्ज करे। आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। परिवार न्याय के लिए आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं दी पुलिस को सूचना
घटना की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को हो गई थी। इसके बावजूद किसी ने पुलिस को फोन नहीं किया। परिचित के घर पहुंचने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। तब उन्होंने झांसी में रहने वाले रिश्तेदार और भाई से 112 पर काॅल कराया।
 
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