रविवार को राया पहुंचे रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि बलरामपुर, बुलंदशहर, हाथरस में जिस तरह से अपराध हो रहे हैं। यह दर्शा रहे हैं कि सरकार का अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण नहीं है। हाथरस की घटना ने देश को झकझोर दिया है।
न कोई कानून है, न कोई व्यवस्था! सरकार अपराध पर लगाम लगाने में पूरी तरफ से विफल है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी रविवार को राया में यमुना एक्सप्रेसवे पर हाथरस के गांव बूलगढ़ी जाते समय योगी सरकार पर हमलावर हुए। राया से लौटकर वह खंदौली होते हुए काफिले के साथ हाथरस गए।
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रविवार को राया पहुंचे रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि बलरामपुर, बुलंदशहर, हाथरस में जिस तरह से अपराध हो रहे हैं। यह दर्शा रहे हैं कि सरकार का अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण नहीं है। हाथरस की घटना ने देश को झकझोर दिया है।
उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने के लिए हाथरस जा रहे हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। यमुना एक्सप्रेसवे राया कट पर आने के बाद वह अपने काफिले के साथ खंदौली होते हुए हाथरस के गांव बूलगढ़ी गए।
इस दौरान रालोद जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौनियां, बदन सिंह, योगेश नौहवार, डॉ. अशोक अग्रवाल, राजेंद्र सिकरवार, डॉ. एससी शुक्ला, धर्मवीर सिंह, दर्याब सिंह, कुंवर चंद, प्रताप सिंह, मालती देवी, डॉ. विक्रम सिंह, अतुल सिंह, चंद्रभान सिंह, राया ब्लाक अध्यक्ष चिंटू चौधरी आदि मौजूद थे।
जयंत चौधरी का कार्यक्रम बदला, मची अफरा-तफरी
रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी का रविवार को सुबह 11 बजे हाथरस जाने का कार्यक्रम तय था। वह दिल्ली से राया आते और यहां से सोनई, मुरसान होते हुए हाथरस पहुंचते, लेकिन राया आने से कुछ ही समय पहले उनका कार्यक्रम बदल गया।
वह दिल्ली से आते समय वृंदावन कट पर उतरे और पानीगांव होते हुए राया-मथुरा मार्ग पर पहुंच गए। कार्यकर्ता उनका यमुना एक्सप्रेसवे पर इंतजार कर रहे थे। जैसे ही पता चला कि तो उनमें अफरा-तफरी मच गई। वहीं, राया, सोनई, मुरसान में भी कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए इंतजार करते रह गए।
कैप्सूल टैंकर ने लगाया जाम
रविवार को मथुरा-हाथस मार्ग पर यमुना एक्सप्रेसवे के निकट गैस कैप्सूल टैंकर जाम में फंस गया। रात में आने के बाद वह सुबह मुख्य मार्ग पर खड़ा हो गया। इससे जाम लग गया और देखते ही देखते वाहनों की लंब कतारें लग गईं।