मैनपुरी/करहल। पति की मौत के बाद जावेद की मां मायके में आकर रहने लगी। वहीं, जावेद परिवार चलाने के लिए जयपुर में अपने मामा के पास रहकर नौकरी करने लगा। वह जयपुर से मां से मिलने के लिए अक्सर गांव आता था।
जावेद मूल रूप से इटावा के एक गांव का रहने वाला था। पति की मौत के बाद जावेद की मां उसे लेकर थाना करहल क्षेत्र के एक गांव में अपने मायके में आकर रहने लगी थी। मां का हाथ बंटाने और परिवार चलाने के लिए जावेद जयपुर में अपने मामा के पास चला गया।
वहां वह एक फैक्टरी में नौकरी करने लगा। जावेद जयपुर से अक्सर अपनी मां से मिलने गांव आता था। जिस छात्रा के पिता ने उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट लिखाई थी, वह उसके घर केे पास ही रहता है।
दोनों परिवारों के बीच लगभग 15 दिन पहले छात्रा से छेड़छाड़ करने की बात पर कहासुनी भी हुई थी। जावेद की मां ने छात्रा के घर पहुंचकर छात्रा के पिता से शिकायत की थी। आरोप लगाया था छात्रा उसके पुत्र को आए दिन फोन करती है, जिसे छात्रा ने सबके सामने नकार दिया था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों परिवारों के मकान आसपास ही बने हुए हैं। छात्रा और जावेद भी लगभग हमउम्र ही थे।
जावेद ने भी खाया लिया था जहर
ग्रामीणों ने बताया कि जावेद ने एक मार्च को जहर खा लिया था। जानकारी होने पर उसके परिवार केे लोग इलाज के लिए फिरोजाबाद ले गए थे। हालत में सुधार होने पर चार मार्च को जावेद को परिवार के लोग घर ले आए।
छात्रा द्वारा जहर खाने के बाद जावेद गांव से अपने मामा के पास जयपुर चला गया था। ग्रामीणों ने बताया कि जावेद के पिता इटावा जिले के एक कस्बे में काम करते थे। पारिवारिक कारणों के चलते उन्होंने भी कई साल पहले खुदकुशी कर ली थी।