भाजपा की बैठक में नगर विकास मंत्री ए क़े शर्मा केंद्रीय राजयमंत्री एस पीसिंह बघेल व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में छह बार से नगर निगम में काबिज भाजपा में मेयर प्रत्याशी के लिए दावेदारों की सूची लंबी है। विधायक, सांसद से लेकर मंत्री तक समीकरण बनाने में लगे हैं। वहीं बुधवार को नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने यहां आकर संगठन की नब्ज टटोली। एक होटल में पार्टी पदाधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक की। जिसमें मेयर, पार्षद के नामों पर सुझाव मांगे गए। इस दौरान जाटव समाज से जब एक नाम मेयर प्रत्याशी के लिए सामने आया तो इन जनप्रतिनिधि की आंखों में ये नाम खटकने लगा। फिर क्या था उनके विरोध करते ही कुछ अन्य भी विरोधी बन गए।
ये भी पढ़ें - UP Nikay Chunav 2023: 78 साल की उम्र में 97 बार हार चुके चुनाव, हसनुराम एक बार फिर से चुनावी मैदान में
मचा हुआ है घमासान
आगरा में मेयर पद की टिकट को लेकर भाजपा में घमासान मचा हुआ है। दलितों की राजधानी कहे जाने वाले आगरा में जाटव समाज के प्रत्याशी के नाम को लेकर इसी समाज के एक जनप्रतिनिधि आड़े आ गए हैं। मेयर प्रत्याशी के नाम पर मंथन के लिए बुधवार देर शाम एक होटल में हुई बैठक में उन्होंने खुलेआम इस समाज का प्रत्याशी चुनावी मैदान में न उतारने को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। उनके सुर में कुछ पदाधिकारियों ने भी अपने सुर मिला दिए। बैठक में हुई यह चर्चा जब कमरे से बाहर निकली तो एक बार मंत्री रह चुके इन जनप्रतिनिधि के रुख से कार्यकर्ता चर्चा करते नज़र आए। ये जनप्रतिनिधि हाल में ही कई बार विवादों में आए हैं।