जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलित भरतपुर के 1,576 गांव मथुरा से सटे हुए हैं। कोई गांव बीस किलोमीटर दूर है तो कोई उससे भी कम। इन गांवों के आंदोलन का असर मथुरा पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को जाटों ने सभी सड़क मार्ग भी ठप कर दिए।
जाटों ने गोवर्धन-डीग मार्ग को शुक्रवार की सुबह ही ठप कर दिया था। आंदोलन को देख पुलिस और प्रशासन ने भी इस मार्ग पर वाहनों को रोक दिया था। दूसरे रास्तों से ट्रैफिक को निकाला गया। भरतपुर और धौलपुर के हर गांव में आरक्षण के लिए आंदोलन की आग फैल गई। सड़कों पर टायर जलाए गए।
जगह-जगह जलते टायरों के कारण दोपहिया वाहन भी नहीं निकल पाए। बहज के पास आंदोलन ज्यादा उग्र दिखा। यहां जाटों ने सड़क पर लकड़ी के भारी-भारी तने डाल रखे थे। इस सड़क से गुजरने की कोशिश करने वाले इनके गुस्से का शिकार भी बने।