हॉकी टीम के पूर्व कप्तान व कोच जगबीर सिंह।
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51 साल से जिस पल का भारतीय हॉकी इंतजार कर रही है, अब उसे हकीकत में बदलने का वक्त आ गया है। 1975 में विश्व कप जीतने के बाद से खिताबी सूखे से गुजर रहे भारत के पास इस बार इतिहास बदलने का मौका है। पूर्व भारतीय कप्तान, ओलंपियन और अपने दौर के दिग्गज फॉरवर्ड जगबीर सिंह का मानना है कि टीम को जर्सी विवाद और हॉकी इंडिया की खींचतान को पीछे छोड़ पूरी तरह विश्व कप पर ध्यान देना होगा।
बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी में 15 से 30 अगस्त तक हॉकी विश्व कप खेला जाएगा। भारत 15 अगस्त को अभियान शुरू करेगा। 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से मुकाबला होगा। जगबीर के मुताबिक भारत के लिए विश्व हॉकी की शीर्ष टीमों के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने और खिताब की दावेदारी पेश करने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम जब ओलंपिक जैसे सबसे बड़े मंच पर लगातार दो बार पदक जीत सकती है तो विश्व कप में भी इतिहास रच सकती है। इस बार टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का अच्छा संयोजन है। विश्व कप से पहले मानसिक प्रशिक्षक पैडी अप्टन की सेवाएं मिलना भी टीम के लिए फायदेमंद होगा।
जगबीर के मुताबिक कप्तान हरमनप्रीत सिंह की पेनाल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिक सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। हार्दिक सिंह मिडफील्ड में खेल को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाएंगे तो अभिषेक और सुखजीत सिंह से अग्रिम पंक्ति में गोल की उम्मीद रहेगी। अमित रोहिदास और जुगराज सिंह रक्षापंक्ति को मजबूती देने के साथ पेनाल्टी कॉर्नर में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। विवेक सागर प्रसाद समेत अन्य खिलाड़ियों से भी टीम को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को जगबीर ने हमेशा की तरह खास बताया और कहा कि भारत की असली परीक्षा मजबूत यूरोपीय टीमों के खिलाफ होगी। इन मुकाबलों में विशेष रणनीति, मजबूत रक्षापंक्ति और गोल के मौकों को भुनाना होगा। जर्सी विवाद पर जगबीर ने कहा कि अब मैदान के बाहर की चर्चाओं को भूलकर टीम को अपनी हॉकी से जवाब देना चाहिए। उन्हें भरोसा है कि खिलाड़ी अपनी रणनीति पर कायम रहे और गलतियों से बचे तो भारत 51 साल का विश्व कप सूखा खत्म कर सकता है।