आगरा के कमला नगर में होने वाले ऐतिहासिक जनकपुरी महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आगमन के लिए बनाई जा रही मिथिला नगरी धीरे-धीरे आकार लेने लगी है। महल का आधा ढांचा पूर्ण हो चुका है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता के कारीगर मिथिला नगरी को स्वरूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं। 17 सितंबर को राम बरात से पहले इसे तैयार कर दिया जाएगा।
श्री जनकपुरी महोत्सव समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जन-जन के आराध्य श्रीराम के स्वागत के लिए मिथिला नगरी का महल तैयार हो रहा है। महल को भव्य स्वरूप देने के लिए कोलकाता के 80 कारीगर ढांचा बना रहे हैं। ढांचे का काम करीब 50 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि पूरा ढांचा लोहे का बनाया जा रहा है। इस बार का मिथिला महल सबसे ऊंचा और बड़ा होगा, जिसकी चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 125 फीट होगी। श्रीराम दरबार का मंच 60 फीट चौड़ा और 24 फीट लंबा होगा। उसके नीचे 60 फीट चौड़ा और 16 फीट लंबा आरती मंच बनाया जाएगा, जिससे स्वरूपों की आरती करने में कोई दिक्कत न हो। मंच के सामने 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। बरसात से बचाने के लिए मंच को वाटरप्रूफ बनाया जाएगा।
मिथिला नगरी में सजेंगी आकर्षक झांकियां
अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मिथिला नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग पर कई झांकियां भी सजाई जाएंगी। कमला नगर टंकी रोड पर 12 ज्योतिर्लिंग की अद्भुत झांकियां लगेंगी। इसके अलावा कमला नगर के सत्यम पार्क में ऑपरेशन सिंदूर की झांकी भी आकर्षण का केंद्र होगी। इन झांकियों को बनाने के लिए भी कोलकाता से कारीगर बुलाए गए हैं।
25 बार जनकपुरी बनाने का मिला सौभाग्य
मिथिला महल बना रहे कोलकाता के मुख्य कारीगर जुगाई कुमार राय ने बताया कि वह आगरा में अब तक 25 बार जनक महल का निर्माण कर चुके हैं। उनके साथ 70 से 80 कारीगर कार्य कर रहे हैं। वह अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें भगवान श्रीराम की सेवा करने का मौका मिला है।