उत्तर भारत की ऐतिहासिक जनकपुरी धीरे-धीरे अपना स्वरूप लेने लगी है। एक ओर मिथिला महल मूर्त रूप में आने लगा है तो वहीं दूसरी ओर जनकपुर में आने वाले आगंतुकों के स्वागत के लिए भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। सीता के स्वयंवर के लिए उत्साहित मिथिलापुर वासियों ने सीता के लिए कोलकाता के कारीगरों से महरून रंग का लहंगा तैयार करवाया है। इस भारी-भरकम लहंगे में रेशम के साथ जरी, कुंदन और मिरर वर्क का काम किया गया है।
जनकपुरी महिला मंडल की संरक्षक मीरा अग्रवाल बताती हैं कि जैसे-जैसे आयोजन की तिथि निकट आ रही है महिला मंडली का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। 16 सितंबर को सिया के हाथों में प्रभु के नाम की मेहंदी लगेगी, उसी दिन लहंगे को सिलाई के लिए दिया जाएगा। सीता के साथ महिला मंडल की सदस्याएं भी अपने हाथों में मेहंदी रचवाएंगी।
महिला मंडल की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल बताती हैं कि जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की महिला मंडली ने हर आयोजन के लिए स्पेशल थीम निर्धारित की गई है। उसी के अनुरूप सदस्याएं एक से परिधान में नजर आएंगी। 17 सितंबर को सिया गौरी पूजन के लिए जाएंगी। इस दौरान सीताजी का डोला जनकपुरी क्षेत्र में भ्रमण के लिए निकलेगा। इससे पूर्व 14 सितंबर को आयोजन समिति की ओर से आमंत्रण यात्रा निकालकर क्षेत्रवासियों को महोत्सव के लिए न्योता दिया जाएगा। 15 सितंबर को राजा जनक की आमंत्रण यात्रा निकालेंगे। जिसमें गणपति की भव्य झांकी आकर्षण का केंद्र होगी।
बन रहे हैं 40 से ज्यादा प्रवेश द्वार
जनकपुरी महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए कमला नगर क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हर मार्ग पर प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। इनमें कुछ विद्युत चलित होंगे तो कुछ अन्य साज सज्जा के साथ तैयार। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल बताते हैं कि 22 बड़े, 15 मध्यम आकार के गेट पूरे जनकपुरी क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आकर्षक विद्युत सजावट वाले 9 गेट भी जनकपुरी क्षेत्र की शोभा बढ़ाएंगे।
जनकपुरी में भी नजर आएगी ऑपरेशन सिंदूर की शौर्यगाथा
18, 19 और 20 सितंबर को सजने वाली उत्तर भारत की प्रसिद्ध जनकपुरी में इस बार मिथिला महल के साथ अन्य कई आकर्षण होंगे। सेंट्रल बैंक रोड स्थित शिवम पार्क में मिथिला महल सजाया जा रहा है। इसी मार्ग पर स्थित अन्य पार्कों में एक ओर ऑपरेशन सिंदूर की शौर्यगाथा होगी तो दूसरी ओर समुद्र मंथन की स्वचलित झांकी। इसके अलावा झूले भी होंगे।