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बिना संसाधनों के ही हो रहा आयुष्मान से इलाज

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कासगंज। बिना संसाधनों के जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का हाल बेहाल है। जिले में न अच्छे डॉक्टर हैं और न ही अस्पताल। ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर दिए। जबकि जो अस्पताल इस योजना में शामिल किए हैं उनमें ंसामान्य इलाज के अलावा कुछ नहीं।
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आयुष्मान भारत के लिए जिले में जिला अस्पताल, व पटियाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा कलावती हॉस्पिटल, क्रिश्चियन अस्पताल को शामिल किया गया है। सरकारी अस्पतालों की स्थिति तो किसी से छिपी नहीं हैैं। जिला अस्पताल व पटियाली स्वास्थ्य केंद्र पर न तो पर्याप्त चिकित्सक ही हैं और न ही अन्य व्यवस्थाएं। ऐसी स्थिति में इन अस्पतालों पर कैसा इलाज मिलेगा स्वयं अंदाजा लगाया जा सकता है। जो दो निजी अस्पताल योजना में शामिल किए गए हैं उनकी भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं हैं। इन अस्पतालों पर सामान्य रोगों के इलाज ही हो सकता है। गंभीर बीमारियों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं हैं। हृदय रोग या किडनी के रोग से पीड़ित लोगों के इलाज जिले के अस्पताल नहीं दे सकते। जिले में योजना के तहत 1073 लोगों ने अपना इलाज कराया है, लेकिन इनमें से जिला व पटियाली स्वास्थ्य केंद्र पर 50 लोगों का ही इलाज हुआ है। शेष 1023 लोगों ने अपना इलाज दोनों निजी चिकित्सालयों में ही कराया है। वैसे एक परिवार के लिए एक साल में पांच लाख तक के इलाज का प्रावधान है। जिले में इन लोगों को सामान्य बीमारियों से संबंधित इलाज की सुविधा मिली है। इनके इलाज पर अब तक 35 लाख 71 हजार 500 रुपया खर्च हो चुका है।
योजना के आंकड़े एक नजर में
प्रधानमत्री जन आरोग्य योजना के चिह्नित परिवार 86388
प्रधानमत्री जनआरोग्य योजना के चिंह्नित त परिवार-2073
गोल्डन कार्ड धारक परिवार 35747
योजना का लाभ लेने वाले परिवार 1073
ये इलाज लिए हैं पीड़ितों ने
योजना के तहत जिले में आंखों के आपरेशन, जनरल मेडिसन, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी, महिलाओं की डिलेवरी का इलाज अभी तक योजना के तहत किया गया है। किसी गंभीर बीमारी के इलाज की सुविधा अभी तक किसी पीड़ित को नहीं मिली है।
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परिवारों के सभी सदस्यों के नाम तक नहीं है शामिल
योजना के तहत जो परिवार चिह्नित किए गए हैं उनके परिवारों के सभी सदस्यों के नाम भी शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे परिवार के जिस सदस्य का नाम शामिल नहीं है और यदि वह योजना का लाभ लेना चाहे तो उसे लाभ नहीं मिल सकता।
आयुष्मान भारत योजना के तहत 1350 इलाज निर्धारित किए गए हैं। जो कार्डधारक योजना का लाभ लेने के लिए अस्पताल में भर्ती होते हैं उनके इलाज पर पूरी नजर रखी जाती है, जिससे यह पता चल सके कि अस्पतालों से मरीज को सही इलाज दिया जा रहा है अथवा नहीं। डा. सरताज, प्र्रभारी, आयुष्मान योजना
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