आगरा। भ्रष्टाचार और अवैध नियुक्तियों के मामले में निलंबित जलकल महाप्रबंधक अरुणेंद्र राजपूत की जगह सचिव संघ भूषण को महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है। नगर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता संघ भूषण को यह जिम्मेदारी दी है। बृहस्पतिवार को शासन ने जलकल महाप्रबंधक एके राजपूत को निलंबित किया था और उन्हें लखनऊ अटैच किया गया है।
शुक्रवार को शासन की कार्रवाई के बाद जलकल विभाग में हड़कंप मचा रहा। जलकल विभाग में हुए करीब 4.50 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार और कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितता के आरोप की विस्तृत जांच निदेशक स्थानीय निकाय के स्तर की जाएगी। जांच होने तक एके राजपूत स्थानीय निकाय निदेशालय से संबद्ध रहेंगे। शासन के निर्णय के बाद जलकल विभाग वे कर्मचारी परेशान हैं जिनकी नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए थे। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दरअसल, मृतक आश्रित कोटे से हुई रजनीश शर्मा, चरणजीत और ललित दक्ष की नियुक्तियों और उनके प्रमोशन को भी जांच समिति ने अवैध माना है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, महाप्रबंधक ने न केवल फाइलें छुपाईं, बल्कि कई बार बुलाने के बावजूद जांच टीम के सामने उपस्थित होने से भी मना कर दिया। जलकल के तीनों कर्मचारियों और प्रमोशन के मामलों वाले कर्मचारियों की परेशानी अब बढ़ गई है। जांच में वह भी जद में आएंगे। भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुकेश चाहर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।