दो दिवसीय श्रीमज्जिनेंद्र वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव सोमवार को कस्बे में हुआ। गाजे बाजे के साथ नगर में भगवान नेमिनाथ की शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा का रास्ते में जगह-जगह स्वागत किया गया। वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रवचन के दौरान आचार्य रिशभ शास्त्री ने कहा कि दया, प्रेम और करुणा के भाव से विश्व में शांति संभव है। बाद में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गीत नृत्य और नाटक की प्रस्तुति दी गई।
सुबह नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक पूजन और शांति धारा के साथ श्रीमज्जिनेंद्र वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू हुआ। इससे पहले रविवार रात माथुर वैश्य धर्मशाला में 10 लक्षण कला मंच करहल के कलाकारों ने नेमिनाथ वैराग्य नाटक का मंचन किया। सोमवार दोपहर भगवान नेमिनाथ की शोभायात्रा नगर में निकाली गई। इसके समापन पर नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रतिमा स्थापित की गई। वेदी पर सोने का काम मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधान से कराया गया। यहां आचार्य रिशभ शास्त्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति मोह, माया, लोभ में फंसा हुआ है। जब तक व्यक्ति इनसे मुक्त नहीं हो जाता तब तक वह सुरक्षित नहीं हो सकता। दुनिया में मंदिर तो बहुत हैं मगर मां जैसा मंदिर कहीं नहीं है। मां की गोद से ही बैकुंठ का रास्ता तय होता है। धरती पर करुणा और दया मां ही करती है। हमारे संस्कार और सभ्यता की जननी मां है। बाद में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में रानो जैन, प्राची जैन, पूजा जैन, प्रिया, श्रुति जैन, सोनाली, संजू जैन, ऊषा, ममता जैन आदि ने नृत्य और गायन में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समारोह में विनय जैन, डॉ. मनोज जैन, पूर्व चेयरमैन सुनील बाबू , संजय जैन, नितिन जैन, मनीष जैन, अमित जैन, हिमांशु जैन, अखिलेश जैन, कामता देवी, सारिका, मधु जैन आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।