मथुरा। कोसीकलां में मंगल प्रवेश करते जैन आचार्य प्रसन्न सागर महाराज।
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कोसीकलां (मथुरा)। जैन आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने रविवार की शाम को कहा कि भौतिकता की चाह ने मानव को अंधा बनाकर मौत के मुंह में धकेल दिया है। संपूर्ण विश्व बारूद के ढेर पर खड़ा है। नीचे कब विस्फोट हो जाए किसी को ज्ञात नहीं, सांसारिक आशाओं आकांक्षाओं की ज्वाला धधक रही है।
जैन आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में प्रवचन करते हुए कहा कि ईर्ष्या, द्वेष, छल, घृणा, असहिष्णुता और स्वार्थपरता रूपी ईंधन उसे सतत प्रज्ज्वलित रखने के लिए हर संभव प्रयास में जुटे हुए हैं। मानव मानवता को खोकर क्रूर हिंसक पशु के समान उग्र और भयानक बनता जा रहा है। भगवान महावीर द्वारा प्रतिपादित जैन धर्म केवल गिने-चुने जैन कहलाने वाले व्यक्तियों के लिए ही नहीं है, वह विश्व धर्म है, प्राणी मात्र का धर्म है। संपूर्ण विश्व को शांति सुधा का पान कराने वाला है।
इससे पूर्व सुबह आचार्य प्रसन्न सागर महाराज का नगर में मंगल प्रवेश हुआ। जैन समाज अध्यक्ष सुभाष जैन, कैलाश चंदोरिया, कैलाश सराफ, नवीन जैन, प्रवीन जैन, सतीश जैन, विनोद जैन, प्रेमचंद जैन, अशोक कामियां, राहुल जैन, नितिन जैन आदि ने स्वागत किया।