मैनपुरी। अपराध नियंत्रण के लिए अब जेल के बंदियों पर भी नजर रहेगी। बंदियों का पारिवारिक विवरण (सिजरा) बनाया जाएगा। गंभीर अपराध के बंदियों का पूरा रिकार्ड जेल के अभिलेखों में मौजूद रहेगा। बंदियों के रिश्तेदारों की सूची बनाकर दूसरे जिलों से उनकी भी पुष्टि कराई जाएगी।
अपराध नियंत्रण के लिए शासन लगातार पहल कर रहा है। अब जेल में बंद गंभीर अपराध के बंदियों का पारिवारिक विवरण बनाने को कहा गया है। प्रमुख सचिव जेल ने बंदियों के परिजनों और नजदीकी रिश्तेदारों का पूरा ब्यौरा जुटाने को कहा गया है। इसको लेकर जेल प्रशासन ने कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके तहत परिजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
इनका ब्योरा होगा शामिल
गंभीर अपराध में जेल में बंद चल रहे बंदियों का ब्योरा जुटाने में मानक बनाए किए गए हैं। बंदियों के बेटे, भाई, भतीजे, पिता, चाचा, पुत्री और बहन की ससुराल के प्रमुख लोगों के अलावा बंदियों की ससुराल के प्रमुख लोगों का पूरा विवरण इस सूची में दर्ज किया जाएगा।
दूसरे जिलों से कराई जाएगी पुष्टि
बंदियों का पारिवारिक विवरण पूरा होने के बाद उनके रिश्तेदारों की सूची का सत्यापन भी कराया जाएगा। दूसरे जिलों में रहने वाले नजदीकी रिश्तेदारों का पूरा ब्योरा जुटाने के बाद संबंधित जिलों से उनके आपराधिक ब्योरे की पुष्टि कराई जाएगी।
अपराध नियंत्रण शासन की प्राथमिकता में शामिल है। गंभीर अपराधों को अंजाम देनेे वाले अपराधियों का पूरा ब्यौरा जेल में दर्ज होने के बाद अपराध नियंत्रण में आसानी होगी। शासन के जो निर्देश मिलेंगे उनके अनुसार ही काम होगा।
हरीओम शर्मा, जेल अधीक्षक