मैनपुरी। हत्या के आरोप में एटा जेल में बंद एक बंदी की जेल में की गई पिटाई के मामले में अपर जिला जज शक्ति सिंह ने जेल अधीक्षक एटा से स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमओ एटा को बंदी का मेडिकल कराकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। किशनी के रहने वाले बंदी की शिकायत पर 26 नवंबर को सुनवाई की जाएगी।
थाना किशनी के चतुरीपुर निवासी ब्रह्मकांत किशनी क्षेत्र में वर्ष 2016 में हुई हत्या के आरोप में एटा जेल में बंद है। यह मुकदमा अपर जिला जज शक्ति सिंह की अदालत में चल रहा है। ब्रह्मकांत ने अपने अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह के माध्यम से अपर जिला जज की कोर्ट में शिकायत की है। इसमें उसने कहा है कि एटा जेल में बंदियों से की जा रही वसूली का विरोध करने पर दबंग बंदियों द्वारा उसकी पिटाई की गई है।
अपर जिला जज ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जेल अधीक्षक एटा से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उन्होंने सीएमओ एटा को बंदी ब्रह्मकांत का मेडिकल कराकर रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। अपर जिला जज ने मामले की सुनवाई के लिए 26 नवंबर की तारीख तय कर दी है।
यह की गई शिकायत
ब्रह्मकांत ने शिकायत में कहा है कि एटा जेल के बंदी भारत सिंह, अनार सिंह, भैयालाल को एटा जेल में लंबरदार बनाया गया है। तीनों लंबरदार मिलकर बंदियों से वसूली करते हैं। जब उसने वसूली का विरोध किया तो तीनों ने मिलकर उसकी पिटाई की। उसने एटा जेल अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन उसकी कोई सुनवाई तक नहीं हुई।
वीसी से होगी सुनवाई
अपर जिला जज ने आदेश में लिखा है कि बंदी होने का मतलब उसको मौलिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है। बंदी ब्रह्मकांत की 26 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से सुनवाई होगी। जेल अधीक्षक एटा शाम तीन बजे सुनवाई की व्यवस्था करके वीसी के माध्यम से ब्रह्मकांत को अदालत के सामने प्रस्तुत करेंगे।