मैनपुरी। जेल में अशिक्षित महिला बंदियों को अक्षर ज्ञान दिया जाएगा। जेल शिक्षक ज्ञान देने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता के लिए प्रेरित करेंगे। आपराधिक मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी बनाई गई महिलाओं को जेल भेजती है।
कुछ मामलों में जमानत नहीं होने पर महिला बंदियों को काफी समय तक जेल में ही रहना पड़ता है। महिला बंदियों को अपराधी मनोवृत्ति से दूर रखकर उनमें सुधार लाने के लिए अब उनको जेल में अक्षर ज्ञान कराया जाएगा।
22 महिला बंदी निरक्षर
जेल में 64 महिला बंदी विभिन्न अपराधों में बंद हैं। जिनमें से 22 महिला बंदी पूरी तरह निरक्षर हैं। जबकि 19 महिला बंदी केवल साक्षर हैं। जेल में 23 शिक्षित महिला बंदी हैं। महिला बंदियों को शिक्षित बनाने के लिए जेल शिक्षक जेल में मौजूद शिक्षित महिला बंदियों की मदद लेंगे।
अपराधी सोच को बदला जाएगा
शासन के निर्देश के तहत ही जेल शिक्षक की जिम्मेदारी तय होगी। महिला बैरक में ही जेल शिक्षक महिला बंदियों को अक्षर ज्ञान देंगे। महिला बंदियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करके उनकी अपराधी सोच को बदला जाएगा।
हरीओम शर्मा, जेल अधीक्षक