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जिला कारागारः थर्मल स्क्रीनिंग के भरोसे कैदी

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कासगंज जेल परिसर में योगा करते कैदी - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। आगरा सेंट्रल जेल में 10 और बंदियों के संक्रमित निकलने के बाद कैदियों व बंदियों के परिजनों में डर है। इसके बावजूद जिला कारागार में अभी तक किसी भी कैदी की कोरोना संक्रमण की जांच नहीं कराई गई है। ये लोग थर्मल स्क्रीनिंग के ही भरोसे हैं। हालांकि कैदियों के बीच सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मास्क आदि भी दिए गए हैं। जेल प्रशासन का दावा भी कर रहा है कि वहां कोई भी संक्रमण की जद में नहीं है।
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए जेल की व्यवस्थाओं में परिवर्तन भी किए गए हैं। जेल में पहुंचने वाले नए कैदियों से संक्रमण की स्थिति ना बने इसी को देखते हुए जेल में नए बंदियों के लिए दो क्वारंटीन बैरक बनाए गए हैं। यहां 14 दिन तक नए बंदियों को रखा जा रहा है। इसके बाद ही इन बंदियों को सामान्य बैरक में भेजा जाता है।
हांलाकि बंदियों के पहुंचने की संख्या भी इस समय कम है क्योंकि 7 साल से कम सजा वाले मामलों में न्यायालय से जमानत दी जा रही है। महामारी अधिनियम व धारा 188 के मामले में थानों से ही मुचलके पर जमानत दी जा रही है। इससे गंभीर मामलों के आरोपी ही जेल पहुंच रहे हैं। इससे जेल में कैदियों की संख्या भी कम है।
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अवसाद से बचाने के लिए भी किया जा रहा प्रयास
- कैदियों को अवसाद से बचाने के लिए प्रतिदिन करवाया जाता है योगा
- टीवी पर मनपसंद कार्यक्रम दिखाए जा रहे
- जेल में मिलाई पर पूरी तरह से लगा दिया गया है प्रतिबंध
- प्रतिदिन घर पर करवाई जा रही है बात। दी जा रही मोहल्ले भर की जानकारी।
आंकड़े की नजर से-
- 1050 कैदियों की है क्षमता।
- 720 कैदी हैं इस समय जेल में बंद।
- 2 क्वारंटीन बैरक बनाए हैं।
- 80 कैदी न्यायालय के निर्देश पर किए गए रिहा।
जेल में पिलाया जा रहा आयुष काढ़ा
जेल में बंद कैदियों को आयुष मंत्रालय के ने इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के अनुसार काढ़ा पिलाया जा रहा है। ताकि यदि कोई संक्रमण की जद में आ जाए तब भी सुरक्षित रहे।
सैनिटाइज करने के बाद ही कर्मियों का होता है प्रवेश
जिला कारागार में प्रवेश द्वार पर जेल प्रशासन ने सैनिटाइजेशन चैंबर बनाया है। इसी से होकर कर्मचारियों को अंदर जाना होता है। ताकि जेल कर्मियों के माध्यम से संक्रमण कैदियों तक ना पहुंच पाए।
जेल में मौजूद चिकित्सीय स्टाफ
एक फार्मासिस्ट
एक डॉक्टर
एक बार्ड ब्वाय
वर्जन-
- कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जेल में त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। सभी बैरकों और जेल परिसर को लगातार सैनिटाइज कराया जा रहा है। आयुष मंत्रालय की संस्तुति का काढ़ा भी कैदियों को दिया जा रहा है। जेल में कैदियों से मुलाकात बंद है। किसी भी कैदी में कोई लक्षण नहीं हैं। इसलिए कोरोना संक्रमण की जांच नहीं कराई गई है। - राजीव कुमार सिंह, प्रभारी अधीक्षक।
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